UP की दो मुस्लिम नेताओं की ड्रीम यूनिवर्सिटी पर संकट, कहीं बुलडोजर का खतरा तो कहीं ED का शिकंजा

उत्तर प्रदेश की दो चर्चित निजी विश्वविद्यालय—रामपुर की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और सहारनपुर की ग्लोकल यूनिवर्सिटी—इन दिनों कानूनी कार्रवाई और सरकारी जांच के चलते सुर्खियों में हैं। एक ओर रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने जौहर यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों को अवैध बताते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया है, वहीं दूसरी ओर ग्लोकल यूनिवर्सिटी की करोड़ों रुपये की संपत्ति प्रवर्तन निदेशालय (ED) पहले ही कुर्क कर चुका है।
जौहर यूनिवर्सिटी: आजम खान का ड्रीम प्रोजेक्ट
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान ने वर्ष 2006 में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना की थी। करीब 250 एकड़ में फैले इस परिसर में मेडिकल, इंजीनियरिंग, लॉ और अन्य प्रोफेशनल कोर्स संचालित होते हैं। वर्ष 2012 में इसे अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय का दर्जा मिला और उसी साल तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसका उद्घाटन किया।
योगी सरकार आने के बाद बढ़ीं मुश्किलें
2017 में उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद आजम खान और उनके परिवार पर कई मामलों में कार्रवाई शुरू हुई। जमीन कब्जाने, अवैध निर्माण और अन्य आरोपों को लेकर कई मुकदमे दर्ज हुए। इसी दौरान जौहर यूनिवर्सिटी भी प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गई।
38 इमारतें अवैध घोषित
रामपुर विकास प्राधिकरण के अनुसार, यूनिवर्सिटी परिसर में बनी 40 इमारतों में से केवल मेडिकल कॉलेज और अकादमिक भवन का नक्शा स्वीकृत था। बाकी 38 इमारतों के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई।
प्राधिकरण का कहना है कि निर्माण के समय सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य था। वहीं, यूनिवर्सिटी प्रशासन का तर्क है कि निर्माण उस समय हुआ था जब यह क्षेत्र RDA के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता था, इसलिए वर्तमान नियम लागू नहीं किए जा सकते।
फिलहाल ध्वस्तीकरण का आदेश जारी हो चुका है, हालांकि अभी तक बुलडोजर की कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।
यूनिवर्सिटी के बीच से गुजरने वाली सड़क भी खुली
प्रशासन ने यूनिवर्सिटी परिसर से गुजरने वाली लगभग तीन किलोमीटर लंबी सड़क को सार्वजनिक मार्ग घोषित कर दिया है। यह सड़क 2016-17 में पीडब्ल्यूडी ने बनवाई थी। वर्ष 2019 में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस मार्ग पर गेट लगाकर आवाजाही रोक दी थी, जिसे अब फिर से आम जनता के लिए खोल दिया गया है।
ग्लोकल यूनिवर्सिटी भी जांच एजेंसियों के रडार पर
रामपुर से करीब 300 किलोमीटर दूर सहारनपुर में स्थित ग्लोकल यूनिवर्सिटी भी कानूनी विवादों में घिरी हुई है। वर्ष 2012 में स्थापित यह विश्वविद्यालय 350 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला है।
इसकी स्थापना पूर्व बसपा एमएलसी हाजी मोहम्मद इकबाल से जुड़े ट्रस्ट ने की थी। हाजी इकबाल पर अवैध खनन, मनी लॉन्ड्रिंग और गैंगस्टर एक्ट समेत कई मामलों में जांच चल रही है।
ED ने कुर्क की हजारों करोड़ की संपत्ति
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने वर्ष 2024 में अवैध खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ग्लोकल यूनिवर्सिटी की करीब 121 एकड़ जमीन और भवन कुर्क किए थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि अवैध खनन से अर्जित धन को ट्रस्ट के जरिए यूनिवर्सिटी के निर्माण में लगाया गया।
हाजी इकबाल फिलहाल भारत से बाहर बताए जाते हैं, जबकि उनके परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ भी विभिन्न मामलों में कार्रवाई हो चुकी है।
दोनों विश्वविद्यालयों का भविष्य अनिश्चित
दोनों विश्वविद्यालयों में फिलहाल शैक्षणिक गतिविधियां जारी हैं, लेकिन कानूनी कार्रवाई और जांच के चलते इनके भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। एक तरफ जौहर यूनिवर्सिटी पर अवैध निर्माण का मामला है, तो दूसरी ओर ग्लोकल यूनिवर्सिटी पर आर्थिक अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच चल रही है। आने वाले समय में अदालतों और जांच एजेंसियों के फैसले इन संस्थानों की दिशा तय करेंगे।



