Saturday - 13 August 2022 - 3:56 PM

पीरियड्स के दर्द से मैच हारने वाली टेनिस खिलाड़ी ने कहा-“काश, मैं मर्द होती”

जुबिली न्यूज डेस्क

चीन की टेनिस खिलाड़ी जेंग किनवेन ने फ्रेंच ओपन के दौरान अपना मैच हारने के बाद एक बड़ी बात कही, जिसकी खूब चर्चा हो रही है। जेंग ने कहा-काश मैं मर्द होती।

जेंग ने यह बात क्यों कही इसकी वजह जानते हैं। सोमवार को फ्रेंच ओपेन के मैच में जेंग को दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी ईगा श्वियांटेक से मैच में हार मिली। जेंग की यह हार दर्दनाक थी, मानसिक और शारीरिक रूप से।

मानसिक रूप से इसलिए क्योंकि इस चीनी खिलाड़ी ने मैच में पहला सेट 7-6 से जीतकर शानदार शुरुआत की थी। दुनिया की 74 वरीयता प्राप्त इस खिलाड़ी ने वह कर दिखाया था जो अब तक किसी खिलाड़ी ने इस टूर्नामेंट में नहीं किया।

दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी ईगा श्वियांटेक भी इससे पहले एक भी सेट नहीं हारी थीं लेकिन जेंग ने उन्हें पहला सेट हरा दिया था।

लेकिन मैचे के दूसरे और तीसरे सेट में श्वियांटेक ने जेंग को बहुत आसानी से मात दे दी। वह 0-6, 2-6 से मैच हार गईं।

मैच के दौरान 19 साल की जेंग को पीरियड्स के चलते क्रैंप्स हुए और उन्हें मेडिकल ब्रेक लेना पड़ा। हालांकि यह ब्रेक उन्होंने अपनी

घायल टांग पर पट्टी कराने के लिए लिया था लेकिन बाद में जेंग ने बताया कि असली वजह कुछ और थी।

मीडिया से बातचीत में जेंग ने कहा, यह बस लड़कियों वाली बात थी। मेरे लिए पहला दिन मुश्किल भरा होता है। मुझे खेलना भी था। हमेशा ही मुझे पहले दिन बहुत तकलीफ होती है।

जेंग ने पहले सेट में श्वियांटेक को कांटे की टक्कर दी थी। 82 मिनट चले पहले सेट में जेंग ने पांच सेट पॉइंट बचाए और तीन बार सेट पॉइंट पर पहुंचने के बाद सेट जीत लिया।

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यह दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी श्वियांटेक के लिए बड़ा झटका था। वह पिछले 16 मैचों में एक भी सेट नहीं हारी थीं। लेकिन
मैच के इस बेहतरीन आगाज के बाद दूसरे सेट में जेंग को विराम लेना पड़ा। तब वह 0-3 से पिछड़ चुकी थीं। दूसरे सेट में तो वह एक भी पॉइंट नहीं जुटा सकीं।

तीसरे सेट में तो जेंग को थकान से पस्त देखा जा सकता था। उन्होंने 46 एरर किए और श्वियांटेक ने उनका भरपूर फायदा उठाया। मैच के बाद जेंग ने कहा, पैर के दर्द से हालत और खराब हो गई, लेकिन पेट के दर्द के मुकाबले वह आसान था। मैं अपना असली खेल नहीं खेल पाई क्योंकि पेट में बहुत अधिक दर्द था।

इस चीनी खिलाड़ी के बहाने दुनिया एक बार फिर माहवारी के दौरान महिलाओं को होने वाले दर्द और उससे जुड़ी तकलीफ पर बात कर रही है।

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जेंग किनवेन का यह बयान कई मायने में महत्वपूर्ण है। 28 मई को ही दुनिया ने “विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस” मनाया था। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य समाज में फैली मासिक धर्म संबंधी गलत भ्रांतियों को दूर करने के साथ साथ महिलाओं और किशोरियों को माहवारी के बारे में सही जानकारी देना है।

लंबे समय से माहवारी पर बहस चल रही है लेकिन दुनिया के कई हिस्सों में महीने के वो पांच दिन आज भी शर्म और उपेक्षा का विषय बने हुए हैं।

इसलिए फ्रेंच ओपन जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच से एक बड़ी खिलाड़ी का इस बारे में बात करना माहौल को और खुला बनाने में मददगार होता है।

वैसे दुनिया के अलग-अलग तबकों में पीरिएड्स को लेकर जागरूकता बढ़ा है। कुछ दिनों पहले स्पेन शायद यूरोप का पहला देश बना, जिसने महिलाओं को माहवारी की कठिनाइयों से निबटने के लिए छुट्टियों का ऐलान किया।

हालांकि कई देशों में ये छुट्टियां पहले से ही हैं और महिलाओं को इनसे मदद मिलती है, लेकिन इसकी आलोचना भी बहुत होती है।

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