5 मिनट में 60 हजार छात्रों का रिजल्ट! VTU ने रचा इतिहास, पर कैसे हुआ यह ‘चमत्कार’?

NEET-UG पेपर लीक विवाद के बीच कर्नाटक की विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (VTU) ने परीक्षा परिणाम जारी करने की प्रक्रिया में एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। यूनिवर्सिटी ने मंगलवार को BE और BTech छठे सेमेस्टर के नतीजे सिर्फ 5 मिनट के भीतर घोषित कर दिए, जबकि आख़िरी प्रैक्टिकल परीक्षा ठीक 5:30 बजे खत्म हुई थी और परिणाम 5:35 बजे ऑनलाइन जारी हो गया।
इस तेज़ परिणाम घोषणा ने न सिर्फ शिक्षा जगत में चर्चा छेड़ दी है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा किया है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में छात्रों का मूल्यांकन इतनी जल्दी कैसे संभव हुआ। इस परीक्षा में राज्य भर से कुल 60,856 छात्र शामिल हुए थे, जिनका पास प्रतिशत 76.84% रहा।
VTU प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली और पहले से तैयार किए गए डेटा इंटीग्रेशन का नतीजा बताया है। यूनिवर्सिटी के मुताबिक, थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों चरणों को इस तरह डिजिटलीकृत किया गया था कि अंतिम चरण पूरा होते ही सिस्टम स्वतः परिणाम तैयार कर सके।
पहले से तैयार था थ्योरी का डेटा
यूनिवर्सिटी ने बताया कि छठे सेमेस्टर की थ्योरी परीक्षाएं 18 मई से 17 जून के बीच कराई गई थीं। इन पेपरों को स्कैन करके डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में अपलोड किया गया और शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन जांच पहले ही पूरी कर ली गई थी। इसके अंक कई हफ्ते पहले ही केंद्रीय सिस्टम में दर्ज हो चुके थे।
प्रैक्टिकल के साथ फाइनल रिजल्ट जुड़ा
प्रैक्टिकल परीक्षाएं 18 जून से 30 जून तक चलीं। VTU के अनुसार, आंतरिक और बाहरी परीक्षकों को निर्देश दिया गया था कि वे परीक्षा समाप्त होते ही छात्रों के प्रैक्टिकल और वाइवा के अंक सीधे सुरक्षित पोर्टल पर दर्ज करें।
जैसे ही मंगलवार को आख़िरी परीक्षा 5:30 बजे खत्म हुई, सिस्टम ने पहले से मौजूद थ्योरी मार्क्स को ताज़ा प्रैक्टिकल अंकों के साथ जोड़ा और केवल 5 मिनट के भीतर फाइनल रिजल्ट तैयार कर दिया।
‘बेहतर योजना और डिजिटल तैयारी’ का दावा
VTU के वाइस चांसलर प्रोफेसर एस. विद्याशंकर ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि पहले छात्रों को रिजल्ट के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था, जिससे उनकी आगे की पढ़ाई और प्लेसमेंट प्रभावित होते थे। अब डिजिटल सिस्टम के जरिए यह प्रक्रिया काफी तेज और पारदर्शी हो गई है।
रजिस्ट्रार (मूल्यांकन) प्रोफेसर यू. जे. उज्ज्वल ने कहा कि यह सफलता पूरी टीमवर्क और डिजिटल मूल्यांकन व्यवस्था के कारण संभव हुई है।
पिछले वर्षों में भी तेज़ हुआ था सिस्टम
VTU ने पिछले कुछ वर्षों में रिजल्ट जारी करने की गति लगातार बढ़ाई है। 2022-23 में जहां परिणाम 10 दिनों में घोषित किए गए थे, वहीं 2023-24 और 2024-25 में भी यह समय 10–11 दिनों तक सीमित रहा। 2025 में यह समय घटकर लगभग 1 घंटे तक पहुंच गया था, और अब 2026 में इसे मात्र 5 मिनट तक ला दिया गया है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल परीक्षा प्रणाली में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल की ओर इशारा करता है, हालांकि कुछ लोग इतनी तेज प्रक्रिया की पारदर्शिता और निगरानी को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं।
इस उपलब्धि के बाद VTU देश की उन चुनिंदा यूनिवर्सिटीज़ में शामिल हो गई है, जिन्होंने परीक्षा परिणाम जारी करने की प्रक्रिया को लगभग रियल-टाइम सिस्टम तक पहुंचा दिया है।



