अमेरिका द्वारा भारत के पोर्ट इस्तेमाल की रिपोर्ट खारिज, विदेश मंत्रालय ने बताया झूठ

जुबिली स्पेशल डेस्क
ईरान के साथ इजराइल और अमेरिका के बीच संघर्ष गुरुवार को छठे दिन भी जारी है। इस बीच नाटो देशों का समर्थन NATO के साथ माना जा रहा है, जबकि चीन को लेकर कहा जा रहा है कि वह ईरान के पक्ष में खड़ा दिख रहा है।
हाल ही में एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि United States ईरान पर हमले के लिए भारतीय बंदरगाहों का इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि, भारत ने इन दावों को फैक्ट-चेक में पूरी तरह खारिज कर दिया है और इन्हें निराधार बताया है।
पूर्व अमेरिकी सेना कर्नल Douglas Macgregor ने अमेरिकी न्यूज चैनल One America News Network को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि ईरान के खिलाफ अभियान में अमेरिका भारतीय नौसैनिक ठिकानों का उपयोग कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका के कुछ अड्डे नष्ट हो चुके हैं और बंदरगाहों पर निर्भरता बढ़ गई है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक फैक्ट-चेक अकाउंट के माध्यम से कहा कि OAN पर किए गए ऐसे दावे झूठे और फर्जी हैं। मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर लोगों से ऐसी भ्रामक और मनगढ़ंत सूचनाओं से सावधान रहने की अपील की।
भारत ने मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष पर गहरी चिंता जताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है।
https://twitter.com/MEAFactCheck/status/2029233689570492805
दूसरी ओर, अमेरिका और इजराइल ने शनिवार से ईरान पर संयुक्त कार्रवाई शुरू की थी, जो गुरुवार को भी जारी है। रिपोर्टों के अनुसार स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। ईरान की ओर से भी जवाबी हमलों की खबरें सामने आ रही हैं, जिनमें अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया गया है।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि हिंद महासागर में एक अमेरिकी पनडुब्बी से हमले में एक ईरानी युद्धपोत को नुकसान पहुंचा, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। स्थिति को लेकर अलग-अलग पक्षों की ओर से विरोधाभासी बयान सामने आ रहे हैं।


