प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा को वर्ष 2026 का ‘कन्हैया सिंह शोध सम्मान’, देवरिया में भव्य समारोह के बीच हुए अलंकृत

Kanhaiya Singh Shodh Samman 2026: अकादमिक जगत और खोजी अनुसंधान (Research) के क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के रक्षा तथा रणनीतिक अध्ययन (Defense and Strategic Studies) विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित ‘कन्हैया सिंह शोध सम्मान’ से सम्मानित किया गया है।
उत्तर प्रदेश के देवरिया स्थित प्रेस्टीज संस्थान परिसर में आयोजित एक भव्य और गरिमामय समारोह में प्रो. सिन्हा को मुख्य अतिथियों द्वारा इस बड़े सम्मान से नवाजा गया।
सम्मान में क्या मिला? 6 वर्षों से मिल रहा है यह प्रतिष्ठित पुरस्कार
समारोह के दौरान प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा को सम्मान स्वरूप निम्नलिखित चीजें भेंट की गईं:
- वाग्देवी (मां सरस्वती) की प्रतिमा
- श्रीफल और प्रशस्तिपत्र
- ₹26,000 की सम्मान राशि
प्रेस्टीज संस्थान के निदेशक श्री शिव नारायण सिंह ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह सम्मान पिछले 6 वर्षों से लगातार अकादमिक और सामाजिक अनुसंधान (Academic & Social Research) में विशिष्ट योगदान देने वाली महान विभूतियों को प्रदान किया जा रहा है।
IAS अधिकारियों के जूरी पैनल ने किया चयन
इस वर्ष पुरस्कार के लिए नाम तय करने वाला निर्णायक मंडल (Jury) बेहद खास था। इसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने पैनलिस्ट की भूमिका निभाई:
- विजय प्रकाश श्रीवास्तव (IAS)
- अजय सैनी (IAS)
- अमर कुशवाहा (IAS)
उच्च शिक्षा में 36 वर्षों का अनुभव और वैश्विक पत्रकारिता का सफर
प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा का करियर देश और दुनिया के लिए प्रेरणादायी रहा है। वे राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security), दक्षिण एशियाई मामलों और मीडिया विशेषज्ञ के रूप में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान रखते हैं।
- रक्षा मंत्रालय से प्रथम पुरस्कार: प्रो. सिन्हा कोलंबो की प्रतिष्ठित संस्था RCSS के फेलो रह चुके हैं। उनकी लिखी एक उत्कृष्ट पुस्तक को भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय द्वारा प्रथम पुरस्कार भी मिल चुका है।
- NEP 2020 में अहम भूमिका: वे उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP) के क्रियान्वयन के लिए गठित ‘स्टेट स्टीयरिंग कमेटी’ तथा यूजीसी (UGC) की राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी विशेष पाठ्यक्रम निर्माण समिति के सक्रिय सदस्य हैं।
- बीबीसी (BBC) और इंडिया टुडे से नाता: उच्च शिक्षा के साथ-साथ उन्होंने करीब तीन दशकों (30 साल) तक बीबीसी और इंडिया टुडे जैसे वैश्विक मीडिया संस्थानों के लिए सक्रिय पत्रकारिता की है। पत्रकारिता में उनके इसी बेमिसाल योगदान के लिए उन्हें ‘द्वारका प्रसाद अग्रवाल राष्ट्रीय पत्रकारिता सम्मान’ से भी नवाजा जा चुका है।



