अभिजीत दीपके को पुलिस ले गई, आंसू गैस और लाठीचार्ज के बीच प्रदर्शनकारी डटे

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। CJP प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया है कि संगठन के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके को पुलिस अपने साथ ले गई है।
सौरव दास ने सभी सांसदों से अपील की कि वे सड़कों पर उतरकर छात्रों के समर्थन में आएं। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस कार्रवाई कर रही है।
हालांकि, पुलिस की ओर से अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।
संसद की ओर बढ़ने की कोशिश, पुलिस ने रोका
इससे पहले अभिजीत दीपके और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की।
पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। मौके पर भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात रहे।
CJP का कहना था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से संसद तक जाकर अपनी मांगें रखना चाहते हैं।
CJP ने जेपी नड्डा से मुलाकात का किया दावा
इस बीच CJP प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि उन्होंने और संगठन के अन्य प्रवक्ता आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की है।
सौरव दास के मुताबिक, सरकार की ओर से बातचीत के लिए संपर्क किया गया था और लंबी प्रतीक्षा के बाद करीब 10 मिनट की बैठक हुई।
उन्होंने कहा कि बैठक में मांगों से जुड़ा पत्र सौंपा गया और जेपी नड्डा ने इस पर आंतरिक स्तर पर चर्चा करने का भरोसा दिया है।
प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग का आरोप
CJP समर्थकों का आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक, गर्मी और भीड़ के कारण कई लोग परेशान हुए और कुछ बेहोश भी हो गए।
प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस और सुरक्षाबलों ने पहले धक्का-मुक्की की और बाद में आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
AISA के तीन छात्रों ने खत्म की भूख हड़ताल
इस बीच ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के तीन सदस्यों नेहा, आमीन और मनीष ने 23 दिनों से चल रही भूख हड़ताल खत्म कर दी है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं, नेताओं और जनप्रतिनिधियों की अपील के बाद छात्रों ने अनशन समाप्त करने का फैसला लिया।
वहीं, सोनम वांगचुक अभी भी आंदोलन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने भूख हड़ताल खत्म करने के लिए शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की शर्त रखी है।
दिल्ली पुलिस ने मार्च की अनुमति से किया इनकार
दिल्ली पुलिस ने पहले ही साफ कर दिया था कि संसद तक मार्च की अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस के मुताबिक, नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है, जिसके तहत निर्धारित प्रदर्शन स्थल के अलावा किसी भी मार्च या बड़ी सभा पर प्रतिबंध है।
संसद के मानसून सत्र को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
कई विपक्षी नेता पहुंचे समर्थन में
CJP के प्रदर्शन को कई विपक्षी नेताओं का समर्थन मिला है। आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया, समाजवादी पार्टी के सांसदों और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद समेत कई नेता प्रदर्शन स्थल पहुंचे।
आंदोलनकारी NEET में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। CJP केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी कर रही है।



