मिडिल ईस्ट में महायुद्ध: ईरान के मिसाइल अटैक में कई अमेरिकी सैनिक जख्मी, फेल हुआ पैट्रियट डिफेंस सिस्टम!

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुकी है। शुक्रवार रात दोनों देशों ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचों पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, यह लगातार सातवीं रात है जब अमेरिकी विमानों ने ईरान के अंडरग्राउंड आर्म्स स्टोरेज और मिलिट्री लॉजिस्टिक हब्स को निशाना बनाया है।
लेकिन इस बार कहानी में बड़ा ट्विस्ट तब आया, जब ईरान के पलटवार में कई अमेरिकी सैनिकों के घायल होने की खबर सामने आई, जिसने वाशिंगटन में हड़कंप मचा दिया है।
1. ईरान का 5 देशों में ‘रॉकेट-मिसाइल तांडव’, जॉर्डन में अमेरिकी सैनिक घायल
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने शुक्रवार को दावा किया कि उन्होंने मिडिल ईस्ट में फैले अमेरिकी ठिकानों को बैलिस्टिक मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन्स से नेस्तनाबूद कर दिया है।
- इन देशों पर बरसीं मिसाइलें: ईरान ने जॉर्डन, सीरिया, कुवैत, ओमान और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को अपना निशाना बनाया।
- सैनिकों के घायल होने की खबर: सीबीएस (CBS) न्यूज़ के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि जॉर्डन में स्थित कम से कम दो अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमलों में “कई अमेरिकी सैनिक घायल” हुए हैं। हालांकि, अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) ने अभी तक चोटों की गंभीरता और घायल सैनिकों का सटीक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है।
2. अचूक माना जाने वाला अमेरिकी ‘पैट्रियट डिफेंस सिस्टम’ फेल!
इस हमले की सबसे चौंकाने वाली तस्वीर ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) वीडियो फुटेज से सामने आई है। जॉर्डन में तैनात अमेरिका का सबसे भरोसेमंद एयर डिफेंस सिस्टम MIM-104 पैट्रियट (Patriot Interceptor) ईरान की सभी मिसाइलों को रोकने में नाकाम रहा।
जैसे ही ईरानी मिसाइलें बेस की तरफ बढ़ीं, पैट्रियट ने कई इंटरसेप्टर मिसाइलें दागीं, लेकिन इसके बावजूद कम से कम दो मिसाइलें सीधे बेस पर जाकर टकराईं। यह साफ करता है कि अमेरिकी एयर डिफेंस को चकमा देने में ईरान इस बार कामयाब रहा है।
3. जॉर्डन के इन 2 बड़े एयरबेस पर गिरे ईरानी बम
जॉर्डन में अमेरिका के करीब 3,000 से 4,000 सैनिक तैनात हैं। अमेरिका सुरक्षा कारणों से इन ठिकानों की जानकारी छिपात रहा है, लेकिन इस बार ईरान ने सीधे अमेरिका के मुख्य हब पर चोट की है:
- मुवाफ्फक साल्टी एयरबेस (Muwaffaq Salti Air Base): यह अमेरिकी फाइटर जेट्स और ड्रोन्स का सबसे बड़ा अड्डा है, जिसे ईरान पर हमले के लिए लॉन्चपैड माना जाता है। IRGC का दावा है कि उन्होंने यहां खड़े अमेरिकी लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया है।
- प्रिंस हसन एयरबेस (Prince Hassan Air Base): ईरान ने इस बेस के कमांड सेंटर और फ्यूल डिपो पर भी सटीक हमले का दावा किया है।
4. कुवैत और बहरीन में भी मची तबाही
जॉर्डन के अलावा ईरान ने कुवैत में स्थित कैंप अल-उदेइरी और अली अल-सलेम एयर बेस, साथ ही बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के रणनीतिक शेख ईसा एयर बेस को भी निशाना बनाया। ईरान के मुताबिक, इन हमलों में अमेरिकी सेना के विमानों के शेल्टर, गोला-बारूद के गोदाम, ईंधन टैंक और हेडक्वार्टर की इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है।
युद्ध का नया मोड़: किसी भी अमेरिकी सैनिक की मौत की खबर नहीं है, लेकिन अमेरिकी जमीन पर ईरान का यह सीधा और सफल हमला पेंटागन को बड़ा जवाबी कदम उठाने के लिए मजबूर कर सकता है। मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी फाइटर जेट्स अब हाई-अलर्ट पर हैं।


