E20 पेट्रोल पर सरकार को बड़ा झटका? सर्वे में NDA समर्थकों ने भी उठाए सवाल

केंद्र सरकार देश में एथेनॉल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा देने के लिए E20 पेट्रोल (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) के इस्तेमाल पर जोर दे रही है। सरकार का कहना है कि इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा। हालांकि, C-Voter के ताजा सर्वे से पता चलता है कि बड़ी संख्या में लोग अभी भी E20 पेट्रोल को लेकर आशंकित हैं।

सर्वे के अनुसार, 55.1% लोगों ने कहा कि वे E20 पेट्रोल का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, जबकि केवल 17.1% लोगों ने इसका समर्थन किया। वहीं, 27.8% लोगों ने इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट राय नहीं दी।

सर्वे की खास बात यह रही कि E20 पेट्रोल को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन के समर्थकों में भी संदेह देखने को मिला। 52.5% NDA समर्थकों ने कहा कि वे E20 पेट्रोल नहीं भरवाना चाहते। वहीं, 18.1% लोगों ने इसका समर्थन किया और 29.5% ने कोई राय नहीं दी।

उधर, विपक्षी दलों के समर्थकों में भी 57.9% लोगों ने E20 पेट्रोल का विरोध किया।

सर्वे में शामिल लोगों ने E20 पेट्रोल को लेकर दो प्रमुख चिंताएं जताईं। 52.8% लोगों का मानना है कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से गाड़ी की माइलेज कम हो सकती है। वहीं, 54.2% लोगों को आशंका है कि इससे वाहन के इंजन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

इसके विपरीत, केवल 10.9% लोगों ने कहा कि E20 पेट्रोल से वाहन को किसी तरह का नुकसान नहीं होता।

E20 पेट्रोल को लेकर सबसे अधिक चिंता पुराने वाहनों के मालिकों में देखी गई। 56.3% लोगों का कहना है कि जिन गाड़ियों को E10 पेट्रोल के हिसाब से बनाया गया है, उनमें E20 पेट्रोल को अनिवार्य करना सही फैसला नहीं होगा। उनका मानना है कि इससे पुराने वाहनों के प्रदर्शन और इंजन पर असर पड़ सकता है।

सर्वे में 75.9% लोगों ने कहा कि पेट्रोल पंपों पर सामान्य पेट्रोल और E20 पेट्रोल, दोनों विकल्प उपलब्ध होने चाहिए ताकि वाहन मालिक अपनी जरूरत और गाड़ी की अनुकूलता के अनुसार ईंधन चुन सकें।

इसके अलावा, 74.5% लोगों का मानना है कि यदि E20 पेट्रोल बेचा जा रहा है तो उसकी कीमत सामान्य पेट्रोल से कम होनी चाहिए। हालांकि, कीमत कम होने की स्थिति में भी केवल 40.8% लोग ही E20 पेट्रोल अपनाने के लिए तैयार दिखाई दिए।

सरकार का कहना है कि E20 पेट्रोल के व्यापक इस्तेमाल से देश का कच्चे तेल का आयात कम होगा। इस दावे से 37.2% लोग पूरी तरह सहमत हैं, जबकि 19.5% लोगों ने आंशिक सहमति जताई। वहीं, बड़ी संख्या में लोगों ने इस दावे पर संदेह व्यक्त किया।

यह C-Voter स्नैप पोल 8 और 9 जुलाई के बीच किया गया। सर्वे में देशभर के 1,641 लोगों से टेलीफोन के माध्यम से बातचीत की गई। सर्वे का मार्जिन ऑफ एरर मैक्रो स्तर पर ±3% और माइक्रो स्तर पर ±5% बताया गया है।

  • 55.1% लोग E20 पेट्रोल का इस्तेमाल नहीं करना चाहते।
  • 52.5% NDA समर्थकों ने भी E20 पेट्रोल का विरोध किया।
  • 52.8% लोगों को माइलेज कम होने की चिंता है।
  • 54.2% लोगों को इंजन पर असर पड़ने का डर है।
  • 56.3% लोग पुरानी गाड़ियों के लिए E20 अनिवार्य करने के पक्ष में नहीं हैं।
  • 75.9% लोग चाहते हैं कि सामान्य पेट्रोल और E20, दोनों विकल्प उपलब्ध रहें।
  • 74.5% लोगों का मानना है कि E20 पेट्रोल की कीमत सामान्य पेट्रोल से कम होनी चाहिए।

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