MP Rajya Sabha Election में कांग्रेस को बड़ा झटका, मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द; अब मैदान में सिर्फ BJP

मध्य प्रदेश की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है। कांग्रेस उम्मीदवार और राहुल गांधी की करीबी मानी जाने वालीं मीनाक्षी नटराजन (Meenakshi Natarajan) का नामांकन फॉर्म जांच के बाद रद्द (Reject) कर दिया गया है।

बीजेपी (BJP) की ओर से दर्ज कराई गई आपत्ति के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने यह बड़ा फैसला सुनाया। इस घटनाक्रम के बाद अब मैदान में केवल बीजेपी के ही उम्मीदवार बचे हैं, जिससे भाजपा का पलड़ा भारी हो गया है।

  • क्रिमिनल केस छुपाने का आरोप: भारतीय जनता पार्टी ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन फॉर्म पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई थी। बीजेपी का आरोप था कि उन्होंने अपने हलफनामे (Affidavit) में आपराधिक मामले (Criminal Case) की जानकारी छिपाई है।
  • सोनिया-राहुल की हैं करीबी: मीनाक्षी नटराजन को कांग्रेस आलाकमान यानी सोनिया गांधी और राहुल गांधी दोनों का बेहद विश्वस्त माना जाता है। ऐसे में उनका नामांकन रद्द होना मध्य प्रदेश कांग्रेस के लिए बहुत बड़ा राजनीतिक सेटबैक है।

इस पूरे सियासी बवंडर के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, राज्यसभा सांसद और देश के जाने-माने वकील विवेक तन्खा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर कांग्रेस का बचाव किया।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज कांग्रेस नेता कमलनाथ ने भी इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भाजपा पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग और द्वेषपूर्ण राजनीति का आरोप लगाया।

  • फ्लाइट रोकने का आरोप: कमलनाथ ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने पहले तो कांग्रेस विधायकों को ले जा रही फ्लाइट को जानबूझकर लंबे समय तक हवा में रखा और उड़ने की इजाजत नहीं दी।
  • द्वेषपूर्ण राजनीति: पूर्व सीएम ने कहा कि कांग्रेस की राज्यसभा सीट हड़पने के लिए बीजेपी ने जानबूझकर द्वेषपूर्ण तरीके से आपत्ति दर्ज कराई और विधानसभा परिसर में हंगामा खड़ा किया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस इन हथकंडों से डरने वाली नहीं है और बीजेपी को मुंह की खानी पड़ेगी।
  • मैदान में सिर्फ BJP: मध्य प्रदेश की 3 राज्यसभा सीटों के लिए कुल 4 उम्मीदवारों ने पर्चा भरा था। कांग्रेस की एकमात्र उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के बाहर होने के बाद अब मैदान में सिर्फ 3 उम्मीदवार बचे हैं, जो सभी बीजेपी के हैं।
  • बेंगलुरु शिफ्ट किए गए विधायक: इससे पहले क्रॉस वोटिंग और हॉर्स ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) के डर से कांग्रेस ने अपने करीब 48 विधायकों को आनन-फानन में बेंगलुरु शिफ्ट कर दिया था। लेकिन नामांकन रद्द होने के बाद अब पूरी बाजी पलट चुकी है।

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