RSS मुख्यालय रेकी केस में बड़ा खुलासा: अमेरिकी डॉलर से बुक हुआ टिकट, आतंकी लिंक का दावा

नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) मुख्यालय और हेडगेवार स्मृति मंदिर परिसर की कथित रेकी मामले में विशेष सत्र न्यायालय में सुनवाई के दौरान बड़ा खुलासा सामने आया है। अदालत में दर्ज गवाही के अनुसार आरोपी रईस अहमद शेख को नागपुर आने के लिए विदेश से आर्थिक मदद मिली थी और उसके हवाई टिकट का भुगतान अमेरिकी डॉलर में किया गया था।
कोर्ट में इंडिगो अधिकारी की गवाही, ‘वर्ल्ड पे’ कार्ड का इस्तेमाल
अदालत में गवाही देते हुए IndiGo एयरलाइंस की तत्कालीन एयरपोर्ट मैनेजर ने बताया कि टिकट बुकिंग के लिए ‘वर्ल्ड पे’ कार्ड का उपयोग किया गया था। सरकारी पक्ष का दावा है कि आरोपी का संबंध एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन से है और वह संगठन के निर्देश पर नागपुर आया था।
नागपुर यात्रा और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी
जांच एजेंसियों के मुताबिक रईस अहमद शेख 13 जुलाई 2021 को श्रीनगर से मुंबई होते हुए नागपुर पहुंचा था। वह दो दिन तक शहर में रुका और 15 जुलाई 2021 को दिल्ली के रास्ते वापस श्रीनगर लौट गया। इस दौरान सुरक्षा एजेंसियां उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए थीं।
पूछताछ में सामने आया कथित रेकी साजिश का खुलासा
सरकारी पक्ष ने अदालत को बताया कि सितंबर 2021 में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। पूछताछ के दौरान RSS मुख्यालय और हेडगेवार स्मृति मंदिर परिसर की रेकी की कथित साजिश का खुलासा हुआ। इसके बाद महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने उसे गिरफ्तार कर नागपुर लाया।
जमानत याचिका खारिज, जेल में बंद आरोपी
फिलहाल आरोपी नागपुर सेंट्रल जेल में बंद है और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया। उसने जमानत की मांग की, लेकिन अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया। सरकारी वकील का कहना है कि जांच एजेंसियों के पास मजबूत सबूत हैं, जो आरोपी के आतंकी संगठन से जुड़े होने की ओर संकेत करते हैं।



