CMRL Scam: पूर्व CM विजयन और दामाद मोहम्मद रियास के घर ED की छापेमारी

जुबिली स्पेशल डेस्क
तिरुवनंतपुरम/कोच्चि: केरल में चल रहा सियासी ड्रामा अब अपने चरम पर पहुंच गया है। करोड़ों रुपये के बहुचर्चित कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) मंथली पेमेंट घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार (27 मई, 2026) को तड़के देश की सबसे बड़ी राजनीतिक कार्यवाहियों में से एक को अंजाम दिया।
केरल हाई कोर्ट से जांच जारी रखने का ‘ग्रीन सिग्नल’ मिलते ही ईडी की टीमों ने पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान नेता विपक्ष पिनारयी विजयन, उनकी बेटी वीणा विजयन और उनके दामाद व पूर्व मंत्री मोहम्मद रियास को घेरते हुए राज्य के 10 से अधिक वीआईपी ठिकानों पर एक साथ धावा बोल दिया।
चक्रव्यूह में पूरा कुनबा: इन बड़े ठिकानों पर चल रही है रेड
मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (PMLA) के तहत तड़के शुरू हुआ यह सर्च ऑपरेशन बेहद गोपनीय और व्यापक है:
- विजयन का ठिकाना: राजधानी तिरुवनंतपुरम में पिनारयी विजयन का किराए का घर और कन्नूर स्थित उनका पैतृक आवास।
- दामाद भी लपेटे में: पूर्व मंत्री और विजयन के दामाद मोहम्मद रियास का कोझिकोड स्थित निवास।
- कारोबारी साठगांठ: CMRL कंपनी के प्रबंध निदेशक (MD) ससिधरन कार्था का आवास और कंपनी के मुख्य कार्यालय।
हाईकोर्ट ने तोड़ी थी ढाल, 1 हफ्ते की मोहलत भी छीनी
ईडी का यह ताबड़तोड़ एक्शन केरल हाई कोर्ट की सिंगल बेंच के उस ऐतिहासिक फैसले के ठीक बाद आया है, जिसने आरोपी पक्ष की कानूनी ढाल को चकनाचूर कर दिया था।
दरअसल, CMRL के एमडी ससिधरन कार्था, सीएफओ सुरेश कुमार और अन्य अधिकारियों ने ईडी की जांच को रोकने और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की थी। कोर्ट ने न सिर्फ उनकी याचिकाओं को खारिज कर दिया, बल्कि ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए एक हफ्ते का समय बढ़ाने की मांग को भी ठुकरा दिया। कोर्ट का रुख साफ होते ही ईडी ने सीधे छापेमारी की स्क्रिप्ट लिख दी।
बिना FIR के एक्शन: कैसे फंसा विजयन परिवार?
इस मामले में ईडी का कानूनी पक्ष बेहद मजबूत है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान ईडी ने साफ कर दिया था कि मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत कार्रवाई के लिए किसी प्रारंभिक FIR की जरूरत नहीं होती, खासकर तब जब सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) अप्रैल 2025 में ही इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कर चुका हो।
क्या है असली आरोप? आयकर विभाग के ‘इंटरिम बोर्ड फॉर सेटलमेंट’ और SFIO की जांच में खुलासा हुआ था कि CMRL कंपनी ने तत्कालीन सीएम विजयन की बेटी वीणा विजयन की आईटी फर्म ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस’ को बिना किसी सर्विस या काम के बदले लाखों-करोड़ों रुपये का ‘मंथली’ भुगतान किया। आयकर विभाग ने इसे ‘कारोबारी खर्च’ मानने से इनकार करते हुए सीधे तौर पर रिश्वतखोरी और ब्लैक मनी का मामला करार दिया था।
सत्ता हाथ से जाने के बाद अब पिनारयी विजयन और उनके पूरे परिवार पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है। इस छापेमारी के बाद केरल की राजनीति में नया उबाल आना तय माना जा रहा है।

