Gen-Z पर जैश की नजर! गुजरात ATS की कार्रवाई में आतंकी नेटवर्क का बड़ा खुलासा

अहमदाबाद: गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के एक बड़े स्लीपर सेल का भंडाफोड़ किया है। जांच एजेंसी ने राज्य के अलग-अलग इलाकों से अब तक 13 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है।

ATS के मुताबिक, यह मॉड्यूल पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित जैश के ठिकाने मरकज सुभान अल्लाह और आतंकी संगठन के सरगना मसूद अजहर से जुड़ा हुआ था। मामले में UAPA और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क खासतौर पर युवाओं को ऑनलाइन माध्यमों से कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करने और उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार करने की कोशिश कर रहा था।

ATS की जांच में सामने आया कि जैश-ए-मोहम्मद अब पारंपरिक तरीकों के बजाय डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर युवाओं तक पहुंच बना रहा था।

इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की फॉरेंसिक जांच में कई अहम डिजिटल सबूत मिले हैं। आरोप है कि मॉड्यूल का मुख्य रेडिकलाइजर मोहम्मद अमीन शेरा युवाओं को मसूद अजहर के भाषण, आतंकी प्रचार सामग्री और कट्टरपंथी साहित्य भेजता था।

तलाशी के दौरान कथित तौर पर 43 ई-बुक्स और जिहादी सामग्री से जुड़ी फाइलें बरामद की गई हैं।

जांच एजेंसियों के अनुसार, आतंकी नेटवर्क ने गुजरात को इसलिए चुना क्योंकि यह देश का एक महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र है और यहां लंबे समुद्री तट के साथ रणनीतिक महत्व वाले इलाके मौजूद हैं।

ATS के मुताबिक, नेटवर्क की गतिविधियां गुजरात के कुछ इलाकों में सक्रिय थीं, जिनमें नंदासन, वडोदरा और अन्य स्थान शामिल हैं।

एजेंसियों का मानना है कि आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में अशांति फैलाने की कोशिश इस मॉड्यूल की बड़ी साजिश का हिस्सा थी।

जांच में सबसे चिंताजनक बात यह सामने आई है कि आतंकी संगठन युवाओं को निशाना बना रहे थे।

गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों में बड़ी संख्या 18 से 24 साल के युवाओं की बताई जा रही है। एजेंसियों के अनुसार, जैश युवाओं को ऑनलाइन प्रचार, वीडियो और साहित्य के जरिए प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था।

जांच में यह भी सामने आया कि कुछ आरोपी कथित तौर पर विस्फोटक और IED बनाने की जानकारी जुटा रहे थे।

ATS की जांच में इस मॉड्यूल के तार जम्मू-कश्मीर से भी जुड़ने की बात सामने आई है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, कुछ आरोपियों ने कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर जाकर हथियार चलाने की ट्रेनिंग लेने की कोशिश की थी।

इसके अलावा, जहरीली गैस और अन्य खतरनाक तरीकों से हमले की संभावनाओं को लेकर भी जांच की जा रही है।

गुजरात ATS ने तलाशी अभियान के दौरान कई महत्वपूर्ण सामान बरामद करने का दावा किया है।

इनमें शामिल हैं:

  • जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े झंडे
  • कथित IED बनाने की सामग्री
  • डिजिटल उपकरण
  • आतंकी संगठन से जुड़े दस्तावेज
  • करीब 1.30 लाख रुपये नकद

ATS की साइबर और ग्राउंड इंटेलिजेंस टीमों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस नेटवर्क का खुलासा किया।

शुरुआती कार्रवाई में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ और डिजिटल सबूतों के आधार पर बाद में 5 और लोगों को गिरफ्तार किया गया।

अदालत ने गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस रिमांड पर भेजा है ताकि जांच एजेंसियां नेटवर्क, फंडिंग और अन्य संपर्कों की जानकारी जुटा सकें।

गुजरात ATS की यह कार्रवाई दिखाती है कि आतंकी संगठन अब सोशल मीडिया, ऑनलाइन सामग्री और डिजिटल नेटवर्क के जरिए युवाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन, फंडिंग और संभावित साजिशों की जांच कर रही हैं।

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