मोदी कैबिनेट से जॉर्ज कुरियन की विदाई, क्या है इसके पीछे की कहानी?

नई दिल्ली। अल्पसंख्यक मामलों तथा मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री रहे जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से मंगलवार को जारी बयान में इसकी पुष्टि की गई।
संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत राष्ट्रपति ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा मंजूर किया। कुरियन का राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो गया था, जिसके बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्री पद से भी इस्तीफा दे दिया।
राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद दिया इस्तीफा
जॉर्ज कुरियन मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद थे। उनका कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो गया था। राज्यसभा की सदस्यता समाप्त होने के बाद उनका केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्यकाल भी खत्म हो गया। इसके बाद उन्होंने औपचारिक रूप से मंत्रिपरिषद से इस्तीफा सौंप दिया।
कुरियन अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
दोबारा राज्यसभा नहीं भेजी बीजेपी
भारतीय जनता पार्टी ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि जॉर्ज कुरियन को दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा जाएगा। पार्टी ने उनकी जगह मध्य प्रदेश से भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया था। इसके बाद से ही कुरियन के मंत्री पद छोड़ने की अटकलें तेज हो गई थीं।
जॉर्ज कुरियन अगस्त 2024 में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे और इसके बाद उन्हें केंद्र सरकार में राज्य मंत्री बनाया गया था।
केरल चुनाव में प्रदर्शन बना वजह?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि केरल विधानसभा चुनाव में भाजपा के निराशाजनक प्रदर्शन का असर भी कुरियन के राजनीतिक भविष्य पर पड़ा। उन्होंने कंजीरापल्ली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें अपेक्षित समर्थन नहीं मिला।
बताया जाता है कि पार्टी नेतृत्व ने राज्य में चुनावी प्रदर्शन और संगठनात्मक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजने का फैसला किया।
कौन हैं जॉर्ज कुरियन?
65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। वह वर्ष 1980 से पार्टी से जुड़े हुए हैं और संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। पेशे से वकील रहे कुरियन ने सुप्रीम कोर्ट में भी प्रैक्टिस की है।
उनका जन्म 20 सितंबर 1960 को केरल के कोट्टायम जिले के एट्टुमानूर क्षेत्र में हुआ था। उन्होंने कानून में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है।
मोदी 3.0 सरकार में मिली थी जिम्मेदारी
जॉर्ज कुरियन ने 9 जून 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली तीसरी एनडीए सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली थी। 11 जून 2024 को उन्होंने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय का कार्यभार संभाला था।
केंद्रीय मंत्री बनने से पहले वह राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री ओ. राजगोपाल के विशेष कार्याधिकारी (OSD) के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
आगे क्या?
जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे के बाद अब केंद्र सरकार में उनके विभागों की जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। वहीं भाजपा केरल में संगठनात्मक और राजनीतिक समीकरणों को नए सिरे से साधने की रणनीति पर काम कर रही है।



