शेख हसीना की ढाका वापसी पर भारत का बड़ा बयान, जानें क्या कहा

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के ढाका लौटने की संभावनाओं के बीच भारत ने मंगलवार को अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस मामले पर भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है और प्रत्यर्पण से जुड़ा कोई भी विषय कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही देखा जाएगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “इस मामले पर हमारे रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। प्रत्यर्पण से जुड़ा कोई भी मामला कानूनी विषय है और उससे उसी के अनुरूप निपटा जाएगा।”

रिपोर्टों के मुताबिक, शेख हसीना के करीबी सूत्रों ने दावा किया है कि वह अपनी पार्टी अवामी लीग को दोबारा सक्रिय करने के उद्देश्य से स्वेच्छा से ढाका लौटने की तैयारी कर रही हैं।

हसीना अगस्त 2024 में बड़े पैमाने पर हुए सरकार विरोधी आंदोलन के बाद अपनी सरकार के पतन के बीच बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं। इसके बाद से वह भारत में रह रही हैं।

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार लंबे समय से भारत से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रही है। ढाका का कहना है कि हसीना को कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए वापस आना चाहिए।

पिछले साल नवंबर में ढाका की एक विशेष अदालत ने 2024 के छात्र आंदोलनों के दौरान कथित कार्रवाई को लेकर शेख हसीना को मानवता के विरुद्ध अपराध के मामले में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी।

अवामी लीग की प्रचार उपसमिति के सदस्य काजी नसीम रुपक ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता अपनी नेता के स्वागत के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि शेख हसीना की वापसी पार्टी को फिर से संगठित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।

बांग्लादेश की ओर से कहा गया है कि अगर शेख हसीना लौटती हैं तो उन्हें न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना होगा। प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सलाहकार जाहिद उर रहमान ने कहा कि हसीना अपने साथ दुनिया के बेहतरीन वकील ला सकती हैं और अदालत में अपना पक्ष रख सकती हैं।

शेख हसीना का मुद्दा भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक संबंधों में अहम विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि हसीना की संभावित वापसी और प्रत्यर्पण को लेकर आने वाले दिनों में क्या घटनाक्रम सामने आता है।

Related Articles

Back to top button