जापान में बजा भारत का डंका! जूनियर एशिया कप के फाइनल में मेजबान को 4-1 से रौंदा, UP के इन 5 लालों ने रचा इतिहास

जुबिली स्पेशल डेस्क
भारतीय खेल इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जुड़ गया है। जापान के काकामिगाहारा में खेले गए पुरुष अंडर-18 जूनियर एशिया कप 2026 के रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने मेजबान जापान को 4-1 से करारी शिकस्त देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया है। पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही भारतीय टीम ने फाइनल में भी अपने आक्रामक और अनुशासित खेल के दम पर एशिया की चैंपियन टीम बनने का गौरव हासिल किया।
उत्तर प्रदेश के ‘पंचरत्न’ और कोच का दिखा दम
इस ऐतिहासिक खिताबी जीत में उत्तर प्रदेश (यूपी) हॉकी का दबदबा साफ नजर आया। भारतीय टीम में शामिल यूपी के पांच होनहार खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में विरोधी टीमों के छक्के छुड़ा दिए:
- केतन कुशवाहा (कप्तान): यूपी के इस लाल ने न सिर्फ अपनी कप्तानी से टीम को प्रेरित किया, बल्कि मैदान पर शानदार खेल से जीत की नींव रखी।
- शाहरुख अली, प्रह्लाद राजभर, राहुल यादव और रोमित पाल: इन चारों खिलाड़ियों ने हर मैच में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई।
मैदान पर खिलाड़ियों के जलवे के साथ-साथ बेंच पर भी यूपी का दिमाग काम कर रहा था। उत्तर प्रदेश के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रजनीश मिश्रा ने कोचिंग स्टाफ के रूप में टीम को जो तकनीकी मार्गदर्शन दिया, उसी की बदौलत खिलाड़ियों ने फाइनल में मेजबान टीम को चारों खाने चित कर दिया।
मुख्य चयनकर्ता डॉ. आर.पी. सिंह की पारखी नजर लाई रंग
भारतीय हॉकी टीम के मुख्य चयनकर्ता और उत्तर प्रदेश हॉकी के अध्यक्ष डॉ. आर.पी. सिंह ने इस ऐतिहासिक जीत पर बेहद खुशी जताई है। गौरतलब है कि इस विजेता टीम को तराशने और चुनने की मुख्य जिम्मेदारी डॉ. सिंह ने ही निभाई थी। उनकी पारखी नजरों से चुनी गई इस युवा ब्रिगेड ने आज देश का सिर फख्र से ऊंचा कर दिया है।
“यह स्वर्ण पदक भारतीय हॉकी के उज्ज्वल भविष्य का जीता-जागता प्रतीक है। हमारे युवाओं ने साबित कर दिया है कि देश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और पूरी टीम को इस ऐतिहासिक सफलता के लिए बहुत-बहुत बधाई।”
डॉ. आर.पी. सिंह (मुख्य चयनकर्ता, भारतीय हॉकी टीम व अध्यक्ष, यूपी हॉकी)
क्यों खास है यह जीत?
- मेजबान को पटखनी: जापान को उसी के घर में, स्थानीय दर्शकों के सामने 4-1 के बड़े अंतर से हराना भारतीय टीम के मानसिक रूप से मजबूत होने का प्रमाण है।
- भविष्य की मजबूत नींव: अंडर-18 स्तर पर इस तरह का दबदबा यह दिखाता है कि सीनियर भारतीय हॉकी टीम को आने वाले समय में विश्व स्तरीय खिलाड़ी मिलने वाले हैं।
इस शानदार जीत के बाद पूरे देश और विशेषकर उत्तर प्रदेश के खेल गलियारों में जश्न का माहौल है। खेल प्रेमियों का कहना है कि इन युवा चैंपियंस ने साल 2026 की सबसे बड़ी खुशियों में से एक देश की झोली में डाल दी है।


