हिमाचल प्रदेश : पीपीई घोटाले की जांच के बीच बीजेपी अध्यक्ष का इस्तीफा

  • विजिलेंस विभाग कर रही है मेडिकल घोटाले की जांच
  • राजीव बिंदल ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भेजा अपना इस्तीफा

न्यूज डेस्क

हिमाचल प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष राजीव बिंदल ने अपनी नियुक्ति के साढे चार महीने के भीतर बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। भाजपा अध्यक्ष के इस्तीफे के बाद जहां विपक्ष हमलावर मोड में आ गया है तो वहीं अध्यक्ष बिंदल ने कहा कि वह इसलिए इस्तीफा दे रहे हैं क्योंकि सुनिश्चित करना चाहते हैं कि भ्रष्टाचार के कथित मामले में समुचित जांच हो।

दरअसल कोरोना वायरस महामारी के लिए हिमाचल सरकार द्वारा चिकित्सा आपूर्ति की खरीद में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया था। इस मामले की जांच के बीच बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया है।

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा को भेजे त्यागपत्र में बिंदल ने कहा है कि वह नैतिक आधार पर इस्तीफा दे रहे हैं क्योंकि कुछ लोग राज्य के स्वास्थ्य निदेशक द्वारा किए गए कथित भ्रष्टाचार में पार्टी का नाम घसीट रहे हैं।

यह भी पढ़ें :   -5 फीसदी रहेगी इस साल भारत की आर्थिक विकास दर

यह भी पढ़ें :  रूपाणी सरकार से क्यों खफा हैं गुजरात हाईकोर्ट? 

यह भी पढ़ें : प्रवासी मजदूरों को लेकर सरकार कितनी गम्भीर है? जरा इन तस्वीरों पर गौर करें 

इससे पहले राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो ने स्वास्थ्य सेवा के निदेशक अजय कुमार गुप्ता को 20 मई को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी तब हुई जब उनका 43 सेकेंड का एक ऑडियो रिकार्डिंग वायरल हुई, जिसमें वह किसी व्यक्ति से कथित तौर पर पांच लाख रुपए घूस के लिए कह रहे थे। गिरफ्तारी के बाद गुप्ता को राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया।

ये मेडिकल घोटाला पीपीई किट से जुड़ा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक को पांच दिनों की पुलिस रिमांड में भेजा गया है। घोटाले की विजिलेंस विभाग जांच कर रही है। पांच लाख रुपये घूस लेने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग के निदेशक को विजिलेंस ब्यूरो ने गिरफ्तार किया है।

राजीव बिंदल 18 जनवरी को हिमाचल प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष बने थे। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने कहा कि इसलिए त्यागपत्र दे दिया ताकि बिना किसी दबाव के मामले में उचित जांच हो। बिंदल ने कहा कि कथित भ्रष्टाचार से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है। साथ ही कहा कि राज्य सरकार ने तुरंत कदम उठाया और स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की।

यह भी पढ़ें :   लॉकडाउन इफेक्ट : भारत में 600 कर्मचारियों की छंटनी करेगा उबर

यह भी पढ़ें :  इंडिया बुल्स ने अपने 2000 कर्मचारियों को वाट्सएप कॉल द्वारा नौकरी से निकाला

ये भी पढ़े: क्या कोरोना बदल देगा राजनीति की दिशा ? 

बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि मामले में भाजपा का नाम घसीटना पार्टी के प्रति अन्याय होगा क्योंकि लॉकडाउन के दौरान पार्टी ने खाने के पांच लाख से ज्यादा पैकेट, 1.10 लाख राशन किट और 30 लाख से ज्यादा मास्क बांटे हैं।

वहीं भाजपा ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष ने बिंदल का इस्तीफा स्वीकार लिया है।

भाजपा अध्यक्ष के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्षी दल कांग्रेस ने कहा कि ‘भाजपा कोरोना वायरस महामारी के दौरान भी स्वास्थ्य विभाग को भ्रष्टाचार से मुक्त नहीं कर पाई।’

प्रदेश कांग्रेस ने उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से मामले की जांच कराने की मांग की क्योंकि सतर्कता ब्यूरो द्वारा की जा रही जांच में उसे भरोसा नहीं है।

हिमाचल में कोरोना के मामले

केंद्रीय स्वास्थय मंत्रालय के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में अब तक कोरोना वायरस के 247 मामले सामने आ चुके हैं। इलाज के बाद अभी तक कुल 67 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं और पांच लोगों की इस वायरस के वजह से मौत हुई है। राज्य में कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए तीन जिलों हमीरपुर, जलोन, विलासपुर और शिमला में 30 जून तक कर्फ्यू लगा रहेगा।

English

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com