Hormuz Strait को लेकर Donald Trump का बड़ा दावा, बताया कब तक खुलेगा होर्मुज स्ट्रेट

Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने वैश्विक तेल बाजार और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बावजूद तेल की कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं आया क्योंकि अमेरिकी सेना पिछले कई हफ्तों से होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास सक्रिय सैन्य अभियान चला रही थी। उनके मुताबिक यह ऑपरेशन ज्यादातर दुनिया की नजरों से दूर रहा।

ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद 13 जून या 15 जून तक होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुल सकता है, जिससे वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को और मजबूती मिलेगी।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना पहले से ही इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में बड़े पैमाने पर सक्रिय थी। उन्होंने दावा किया कि पिछले कई महीनों के दौरान लाखों बैरल तेल और बड़ी संख्या में जहाज सुरक्षित रूप से इस रास्ते से गुजरते रहे।

उन्होंने कहा, “होर्मुज स्ट्रेट खुला हुआ था, बस लोगों को इसकी जानकारी नहीं थी। हमने वहां से बहुत सारे जहाजों और करोड़ों बैरल तेल की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि बीते एक महीने के दौरान अमेरिकी सेना ने कई बार ईरानी जहाजों और सैन्य संसाधनों के खिलाफ कार्रवाई की। उनके अनुसार ये अभियान मुख्य रूप से रात के समय चलाए गए।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी बलों ने रडार सिस्टम और अन्य समुद्री संसाधनों को निशाना बनाया ताकि संभावित खतरे को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इन अभियानों की वजह से वैश्विक तेल बाजार में घबराहट नहीं फैली और आपूर्ति सामान्य बनी रही।

ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद समुद्री प्रतिबंधों और नाकाबंदी जैसी व्यवस्थाओं को हटाया जा सकता है।

जब उनसे पूछा गया कि क्या समझौते के बाद अमेरिका तुरंत नाकाबंदी हटाएगा, तो उन्होंने जवाब दिया कि यह समझौते का हिस्सा होगा। उनका कहना है कि इससे क्षेत्रीय स्थिरता बढ़ेगी और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को राहत मिलेगी।

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। यह Persian Gulf को Gulf of Oman और अरब सागर से जोड़ता है।

Saudi Arabia, United Arab Emirates, Kuwait, Iraq और Qatar जैसे प्रमुख तेल और गैस उत्पादक देश अपने निर्यात के लिए इसी समुद्री मार्ग पर निर्भर हैं। इसलिए यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल कीमतों को सीधे प्रभावित करता है।

ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ प्रस्तावित समझौता यह सुनिश्चित करेगा कि Iran भविष्य में परमाणु हथियार विकसित नहीं कर सके। उन्होंने इस समझौते को अपनी सरकार की बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे मध्य-पूर्व में स्थिरता बढ़ेगी और वैश्विक ऊर्जा बाजार को राहत मिलेगी।

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