अखिलेश का CM पर बड़ा हमला, बोले-‘सोने-चांदी का हिसाब देना ही पड़ेगा’

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उबाल आ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इस मामले में SIT (विशेष जांच दल) के गठन और “दूध का दूध, पानी का पानी” करने के बयान पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बेहद आक्रामक पलटवार किया है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक लंबा पोस्ट शेयर कर मुख्यमंत्री के अयोध्या दौरे और आत्मविश्वास पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सीएम योगी के बयान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जनता अब सिर्फ कागजी जांच से संतुष्ट होने वाली नहीं है। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में लिखा:

“जनता कह रही है ‘दूध का दूध, पानी का पानी’ नहीं, बल्कि ‘सोने का सोना, चांदी की चांदी’ करें। मंदिर में चढ़ाए गए पैसों, अनमोल शिलाओं के अलावा बहुमूल्य धातुओं और जेवरों का भी पूरा हिसाब देना ही पड़ेगा।”

अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के अचानक हुए अयोध्या दौरे को लेकर सीधे तौर पर बीजेपी की राजनीतिक जमीन खिसकने का दावा किया। उन्होंने सरकार से पांच तीखे सवाल पूछे हैं:

  1. भाषण में धमकी क्यों?: “आज के भाषण में बयान कम और धमकी अधिक क्यों दिखाई दे रही थी?”
  2. अचानक बना कार्यक्रम?: “आज का यह कार्यक्रम अचानक बना था या फिर उसी दिन तय हो गया था जिस दिन SIT का गठन किया गया था?”
  3. बीजेपी की साख बचाने की कोशिश?: “सूत्र बता रहे हैं कि स्थानीय भाजपा विधायकों और पदाधिकारियों के दबाव में यह कार्यक्रम अचानक तय किया गया, ताकि भाजपा की खिसकती राजनीतिक जमीन बचाई जा सके। अगर ऐसा नहीं किया गया, तो अयोध्या मंडल ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में भाजपा का सूपड़ा साफ होना तय है।”
  4. जांच प्रभावित करने का आरोप: “भौतिक रूप से (ग्राउंड पर) भ्रमण करके उस SIT के काम को प्रभावित करने की कोशिश न की जाए, जो पहले से ही अपने विवादास्पद सदस्यों और कलंकित छवि के कारण शंकाओं के घेरे में है।”
  5. शून्य आत्मविश्वास: “आज वहां चेहरा उतरा हुआ क्यों था? आवाज को तो जानबूझकर ऊंचा करने का पूरा प्रयास किया गया, लेकिन आत्मविश्वास शून्य क्यों था? इस बार अपने खास लोगों से मुलाकात क्यों नहीं की गई?”

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