एलियन लाइफ की तलाश में बड़ा कदम, पहली बार किसी पृथ्वी जैसे ग्रह पर मिला वायुमंडल

नई दिल्ली: अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में एक बड़ी खोज सामने आई है। वैज्ञानिकों ने पहली बार किसी दूर स्थित तारे की परिक्रमा कर रहे पृथ्वी जैसे चट्टानी ग्रह के चारों ओर वायुमंडल का पता लगाया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह खोज सौर मंडल के बाहर पृथ्वी जैसी परिस्थितियों वाले ग्रहों की मौजूदगी का अब तक का सबसे मजबूत संकेत है।
वैज्ञानिकों ने इस ग्रह के वायुमंडल में हीलियम गैस की मौजूदगी का पता लगाया है। हालांकि, हीलियम को जीवन के लिए अनुकूल गैस नहीं माना जाता, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि ग्रह के वायुमंडल में अन्य गैसें भी मौजूद हो सकती हैं।
48 प्रकाश वर्ष दूर है LHS 1140 b
इस ग्रह का नाम LHS 1140 b है, जो पृथ्वी से करीब 48 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है। यह एक छोटे और ठंडे लाल तारे (Red Dwarf Star) की परिक्रमा करता है।
शोध के प्रमुख लेखक हार्वर्ड विश्वविद्यालय के डॉ. कॉलिन चेरुबिम ने इसे एक “बहुत बड़ी उपलब्धि” बताया। उन्होंने कहा कि पहली बार किसी दूसरे तारे के रहने योग्य क्षेत्र में मौजूद चट्टानी ग्रह पर वायुमंडल का पता चला है।
जीवन की तलाश में बड़ा कदम
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस खोज का मतलब यह नहीं है कि ग्रह पर जीवन मिल गया है, लेकिन यह जीवन की तलाश की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
किसी ग्रह पर जीवन की संभावना के लिए सबसे अहम चीजों में से एक है पानी की मौजूदगी। पानी तभी स्थिर रह सकता है, जब ग्रह अपने तारे से सही दूरी पर हो।
अगर ग्रह तारे के बहुत करीब होगा तो वहां अत्यधिक गर्मी होगी, जबकि बहुत दूर होने पर तापमान बेहद कम हो सकता है। इसी संतुलित दूरी को वैज्ञानिक ‘गोल्डिलॉक्स ज़ोन’ (Goldilocks Zone) कहते हैं।
अब तक किसी चट्टानी ग्रह पर नहीं मिला था वायुमंडल
वैज्ञानिकों ने अब तक सौर मंडल के बाहर 6,000 से ज्यादा ग्रहों की खोज की है। इनमें से कई ग्रह अपने तारों के रहने योग्य क्षेत्र में पाए गए हैं।
हालांकि, इनमें से केवल कुछ दर्जन ग्रह ही पृथ्वी की तरह छोटे और चट्टानी हैं। अब तक किसी भी ऐसे ग्रह पर वायुमंडल की पुष्टि नहीं हुई थी।
LHS 1140 b पर वायुमंडल की खोज इस लिहाज से खास है।
सिर्फ हीलियम मिली, जीवन की पुष्टि नहीं
वैज्ञानिकों ने फिलहाल ग्रह के ऊपरी वायुमंडल में हीलियम गैस का पता लगाया है। अकेले हीलियम जीवन के लिए पर्याप्त नहीं है।
लेकिन शोधकर्ताओं का अनुमान है कि ग्रह के निचले वायुमंडल में दूसरी गैसें मौजूद हो सकती हैं, जो भविष्य में अध्ययन का विषय होंगी।
हार्वर्ड विश्वविद्यालय के डॉ. डेविड शार्बोनो ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पहली बार सौर मंडल के बाहर किसी पृथ्वी जैसे ग्रह पर वायुमंडल मिला है।
K2-18b और TRAPPIST-1 ग्रहों पर भी नजर
जीवन की खोज के लिए वैज्ञानिक कई अन्य ग्रहों का भी अध्ययन कर रहे हैं।
K2-18b नाम के ग्रह में वैज्ञानिकों की खास दिलचस्पी है। माना जाता है कि वहां पानी से भरपूर वातावरण हो सकता है। हालांकि, वहां मिली डाइमेथाइल सल्फाइड गैस के संकेतों की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं TRAPPIST-1 तारे के सात चट्टानी ग्रह भी वैज्ञानिकों के लिए महत्वपूर्ण शोध का विषय बने हुए हैं। जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप के जरिए इन ग्रहों के वातावरण का अध्ययन किया जा रहा है।



