ईशा सिंह ने जीता गोल्ड, मनु भाकर को ब्रॉन्ज; हांगझोउ में भारत का ‘डबल पोडियम’

नई दिल्ली। चीन के हांगझोउ में आयोजित ISSF शूटिंग विश्व कप 2026 में भारतीय निशानेबाजों ने अपनी छाप छोड़ी है। सोमवार, 27 जुलाई को खेले गए महिलाओं के 25 मीटर पिस्टल इवेंट में भारत ने शानदार ‘डबल पोडियम फिनिश’ हासिल करते हुए दो पदक अपने नाम किए।
हैदराबाद की 21 वर्षीय स्टार शूटर ईशा सिंह ने दबाव के क्षणों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) पर कब्जा जमाया। वहीं, दोहरी ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने कड़े मुकाबले के बीच कांस्य पदक (Bronze Medal) जीतकर भारत की झोली में एक और बड़ी उपलब्धि डाल दी।
क्वालिफिकेशन से ही दिखा भारत का दबदबा
भारतीय शूटरों ने क्वालिफिकेशन राउंड से ही प्रतियोगिता में अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी:
- मनु भाकर का टॉप स्कोर: क्वालिफिकेशन में मनु भाकर 586-20x के शानदार स्कोर के साथ तालिका में शीर्ष पर रहीं।
- ईशा सिंह का पीछा: ईशा सिंह मनु से महज एक अंक पीछे 585-18x का स्कोर कर दूसरी पोजीशन के साथ आसानी से 8-शूटरों के फाइनल में पहुंचीं।
- अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन: पूर्व एशियाई खेलों की चैंपियन राही सरनोबत ने 582-16x का स्कोर किया, जबकि सिमरनप्रीत कौर बराड़ (576-20x) और अभिज्ञा अशोक पाटिल (573-16x) ने ‘रैंकिंग पॉइंट्स ओनली’ (RPO) कैटेगरी में खेलते हुए ठोस खेल दिखाया।
फाइनल में ईशा का ‘गोल्डन’ निशाना और मनु का जज्बा
फाइनल मुकाबले में जब मेडल की होड़ शुरू हुई, तब ईशा सिंह की गन ने सटीक निशाने साधे।
- ईशा सिंह (40 हिट्स – GOLD): ईशा ने पूरे फाइनल के दौरान अपनी लय और एकाग्रता बनाए रखी और 40 हिट्स दर्ज कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उन्होंने मेजबान चीन की यूयू झांग (37 हिट्स) को पछाड़कर पहला स्थान हासिल किया।
- मनु भाकर (28 हिट्स – BRONZE): पदक की रेस में बने रहने के लिए मनु भाकर ने एक बेहद दबाव भरा और महत्वपूर्ण शूट-ऑफ जीता। इसके बाद उन्होंने 28 हिट्स के साथ कांस्य पदक पक्का किया।
“अपेक्षाओं का बोझ था, लेकिन हांगझोउ की यादों ने दी ताकत”: ईशा सिंह
म्यूनिख विश्व कप में 43 हिट के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करने वाली ईशा ने अपनी जीत के बाद स्वीकार किया कि यह मुकाबला जितना तकनीकी था, उतना ही मानसिक दबाव से भरा भी था:
“पिछला मेडल होने की वजह से इस मैच में मुझ पर काफी दबाव था। आप खेल में जितने बेहतर होते जाते हैं, साख और उम्मीदों का बोझ उतना ही बढ़ता जाता है। मुझे खुशी है कि मैं आज इस मानसिक दबाव से पार पा सकी। हांगझोउ में 2023 के एशियाई खेलों में मैंने चार मेडल जीते थे, इसलिए यहां की शूटिंग रेंज और माहौल से परिचित होना मेरे काफी काम आया।”-ईशा सिंह (स्वर्ण पदक विजेता)
बड़े टूर्नामेंट्स के लिए यह ब्रॉन्ज ‘स्टेपिंग स्टोन’: मनु भाकर
पेरिस ओलंपिक की डबल मेडलिस्ट मनु भाकर भले ही गोल्ड से चूक गईं, लेकिन इस ब्रॉन्ज मेडल को वे अपने आने वाले बड़े अभियानों के लिए बेहद अहम मानती हैं:
“यह मेडल मेरे लिए आगे बढ़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण ‘स्टेपिंग स्टोन’ है। इससे मुझे अपनी कमियों और मजबूत पक्षों की स्पष्टता मिली है। इस तरह के हाई-प्रेशर फाइनल का अनुभव मुझे आगामी विश्व चैंपियनशिप और एशियाई खेलों जैसे बड़े टूर्नामेंट्स में काफी मदद करेगा।” — मनु भाकर (कांस्य पदक विजेता)


