संसद मार्च से पहले सरकार और CJP के बीच बातचीत, जेपी नड्डा से मिलेंगे प्रतिनिधि

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित संसद मार्च से पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। CJP का दावा है कि केंद्र सरकार ने संगठन के नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया है। सूत्रों के मुताबिक, CJP के प्रतिनिधि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर सकते हैं।

CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सरकार की ओर से बातचीत के लिए संपर्क किया गया है। उन्होंने कहा कि संगठन अपनी मांगों को लेकर सरकार से चर्चा के लिए तैयार है।

CJP प्रतिनिधि जेपी नड्डा से करेंगे मुलाकात

जानकारी के मुताबिक, CJP की ओर से आशुतोष रांका और सौरव दास केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिलने जा सकते हैं। संगठन का कहना है कि सरकार ने सोमवार सुबह बातचीत की पहल की।

CJP नेताओं का कहना है कि उनकी मांगें पहले से स्पष्ट हैं और वे बैठक में शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में बदलाव और पेपर लीक जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे।

‘बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन पहल देर से हुई’

इससे पहले सौरव दास ने कहा था कि CJP सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से बातचीत की पहल देर से हुई है, लेकिन समस्या का समाधान निकालने के लिए संगठन चर्चा के लिए तैयार है।

सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए रखीं तीन शर्तें

इस आंदोलन का समर्थन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी भूख हड़ताल खत्म करने को लेकर अपनी शर्तें रखी हैं।

वांगचुक ने कहा कि अगर सरकार शिक्षा व्यवस्था में हालिया विफलताओं, जिसमें पेपर लीक भी शामिल हैं, पर जवाबदेही स्वीकार करती है या सांसद संसद के मानसून सत्र में शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का आश्वासन देते हैं तो वह अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं।

संसद मार्च को लेकर दिल्ली में सुरक्षा कड़ी

CJP के संसद मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। इससे पहले जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया था।

प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नई दिल्ली क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। कई इलाकों में यातायात पर भी असर देखने को मिला।

पेपर लीक और शिक्षा सुधार को लेकर आंदोलन

CJP का आंदोलन मुख्य रूप से पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर चल रहा है। संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी कर रहा है।

अब सभी की नजरें CJP और सरकार के बीच होने वाली इस संभावित बैठक पर टिकी हैं। बातचीत से आंदोलन को लेकर आगे की दिशा तय हो सकती है।

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