केंद्र ने पहली बार बातचीत की कोशिश की, सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने की बताई शर्त

नई दिल्ली: संसद मार्च की तैयारी कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने बड़ा दावा किया है। पार्टी का कहना है कि केंद्र सरकार ने पहली बार उससे बातचीत करने की कोशिश की है। हालांकि, इस दावे पर केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CJP लंबे समय से पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। इस आंदोलन को पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी समर्थन मिल रहा है, जो फिलहाल भूख हड़ताल पर हैं।

CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि प्रशासन सरकार की ओर से बातचीत शुरू करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल काफी देर से हुई है, लेकिन पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह बातचीत के लिए तैयार है।

सौरव दास के मुताबिक, अभी तक सरकार की ओर से कोई स्पष्ट प्रस्ताव सामने नहीं आया है और अब आगे का फैसला केंद्र सरकार को करना है।

सोनम वांगचुक ने सोमवार को एक पत्र जारी कर कहा कि यदि संसद के मानसून सत्र में शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और सुधार के मुद्दे पर गंभीर चर्चा होती है और विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद इस विषय को उठाने का भरोसा देते हैं, तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे।

उन्होंने अपने पत्र में अनशन समाप्त करने के लिए तीन शर्तों का भी उल्लेख किया। वांगचुक ने कहा कि उनका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

सौरव दास ने बताया कि सोनम वांगचुक की तबीयत फिलहाल स्थिर है और वे अपना अनशन जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि वांगचुक ने आंदोलन में शामिल युवाओं को शुभकामनाएं भेजी हैं और कहा है कि देश के युवा अब उस व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, जो लंबे समय से उनकी बात नहीं सुन रही थी।

उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही शांतिपूर्ण संसद मार्च निकाला जाएगा और पिछले 30 दिनों से प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।

संसद के मानसून सत्र और प्रस्तावित CJP संसद मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। जंतर-मंतर, संसद भवन और नई दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

इसके साथ ही नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

यदि संसद के मानसून सत्र में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार का मुद्दा प्रमुखता से उठता है, तो यह सरकार और विपक्ष के बीच बड़ा राजनीतिक विषय बन सकता है। वहीं, CJP और सोनम वांगचुक के आंदोलन पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

Disclaimer: इस खबर में CJP द्वारा केंद्र सरकार से बातचीत की कोशिश किए जाने का दावा किया गया है। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

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