Bangkok Pub Fire: मौत का लाइव शो! बैंकॉक के पब में लगी भीषण आग, दम घुटने से 27 की मौत; फायर एग्जिट के पास मिले कई शव

Highlights
- थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के ‘ना लाडप्राओ’ लाइव म्यूजिक पब में रविवार देर रात दर्दनाक हादसा।
- स्टेज के पास सर्किट ब्रेकर फटने से हुआ धमाका, 5 मिनट में पूरी इमारत बनी आग का गोला।
- अब तक 27 लोगों (9 पुरुष, 18 महिलाएं) की मौत, 63 घायल; 22 पीड़ितों की हालत बेहद नाजुक।
- बंद थे इमरजेंसी गेट? टॉयलेट और फायर एग्जिट के पास फंसे रह गए लोग, दम घुटने से थमीं सांसें।
जुबिली स्पेशल डेस्क
बैंकॉक।थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक से एक रूह कंपा देने वाला हादसा सामने आया है। यहाँ रविवार देर रात एक मशहूर लाइव म्यूजिक पब में अचानक भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 63 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों में से 22 लोगों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है, जिसके चलते मृतकों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। यह हाल के वर्षों में बैंकॉक की सबसे भीषण आग की घटनाओं में से एक है।
आधी रात को धमाका और पसरा अंधेरा, 300 लोगों में मची भगदड़
यह दर्दनाक हादसा रात करीब 12:02 बजे ‘ना लाडप्राओ’ नाम के एक रेस्तरां और लाइव म्यूजिक पब में हुआ। उस समय वीकेंड होने के कारण पब का हॉल लगभग खचाखच भरा हुआ था और 300 से ज्यादा लोग वहां लाइव शो का लुत्फ उठा रहे थे।
पब के एक बैंड मेंबर ने बताया कि शो के दौरान अचानक बिजली गुल हो गई। इसके तुरंत बाद स्टेज के पास लगे मेन सर्किट ब्रेकर से घना धुआं निकला और एक जोरदार धमाका हुआ। पूरे पब में अंधेरा छाते ही जान बचाने के लिए लोगों के बीच भयंकर भगदड़ मच गई।
फायर एग्जिट के पास मिले शव: क्या बंद थे आपातकालीन रास्ते?
थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुटिन चार्नवीराकुल ने सोमवार तड़के सुबह खुद घटनास्थल का दौरा किया और 27 मौतों की पुष्टि की, जिनमें 9 पुरुष और 18 महिलाएं शामिल हैं।
लापरवाही का शक: बैंकॉक के गवर्नर चाडचार्ट सित्तिपुंत ने बताया कि पब के पास ऑन-पेपर सभी जरूरी लाइसेंस और 4 फायर एग्जिट थे। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि रेस्क्यू टीम को कई शव ‘फायर एग्जिट’ के ठीक पास मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि आपातकालीन निकास द्वार के रास्ते में सामान भरा हुआ था या वे लॉक थे, जिसके कारण लोग बाहर नहीं भाग सके।
मौत का जाल बना टॉयलेट, कुर्सियों और मेजों ने रोका रास्ता
दमकल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सूचना मिलते ही राहत दल 5 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गया था, लेकिन तब तक आग की लपटें पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले चुकी थीं। पब के भीतर बिखरी पड़ी कुर्सियां और मेजें रास्ते का रोड़ा बन गईं, जिससे लोगों को भागने और फायरफाइटर्स को अंदर घुसने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।
दम घुटने से बचने के लिए बड़ी संख्या में लोग पब के पिछले हिस्से में बने टॉयलेट की तरफ भागे। लेकिन वहां बाहर निकलने का कोई रास्ता (एग्जिट गेट) नहीं था। जहरीले धुएं से पूरा टॉयलेट भर गया और वहां फंसे लोगों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई।
थाईलैंड के नाइटक्लबों की सेफ्टी पर फिर उठे गंभीर सवाल
इस हादसे ने थाईलैंड में बार और नाइट क्लबों की फायर सेफ्टी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। यह कोई पहला मौका नहीं है, इससे पहले भी थाईलैंड में ऐसे भयावह हादसे हो चुके हैं:
- साल 2022: माउंटेन बी नाइटक्लब हादसे में 25 लोगों की जान गई थी।
- साल 2009: सैंटिका क्लब हादसे में 67 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी।
फिलहाल, पुलिस प्रशासन और फोरेंसिक की टीमें बॉडी कैमरा फुटेज के आधार पर मामले की जांच कर रही हैं कि क्या सुरक्षा नियमों की अनदेखी ही इस सामूहिक मौत की वजह बनी।

