Iran-US War: क्या मिडिल ईस्ट में छिड़ गया ‘विश्व युद्ध’? ईरान का UAE, कतर और अमेरिकी ठिकानों पर भीषण पलटवार, जानें पूरी इनसाइड स्टोरी

जुबिली स्पेशल डेस्क
वाशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच शांति की हर उम्मीद एक बार फिर बारूद के धुएं में उड़ चुकी है। परमाणु डील या किसी भी समझौते की बात पक्की होने से पहले ही दोनों महाशक्तियां आमने-सामने आ गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के 140 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी की।
इसके जवाब में ईरान ने जो पलटवार किया है, उसने पूरे खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) को हिलाकर रख दिया है। ईरान ने न सिर्फ अमेरिका को निशाना बनाया, बल्कि UAE, कुवैत, कतर, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी मिलिट्री बेसों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दाग दी हैं। यह तनाव अब सिर्फ दो देशों का नहीं, बल्कि एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदलता दिख रहा है।
क्यों भड़की तनाव की नई चिंगारी? (The Trigger Point)
इस महायुद्ध की शुरुआत समुद्र के बीचो-बीच हुई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) में एक बड़े व्यापारिक जहाज को निशाना बनाया।
- निशाने पर आया जहाज: साइप्रस के झंडे वाला कंटेनर जहाज M/V GFS Galaxy।
- हमले का असर: हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में भीषण आग लग गई, जिससे वह समुद्र के बीच में ही फंस गया।
- क्रू का रेस्क्यू: ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO के मुताबिक, जहाज को बीच समंदर में छोड़ना पड़ा। क्रू मेंबर्स लाइफबोट के जरिए जान बचाकर निकले, हालांकि एक सदस्य अभी भी लापता है।
डोनाल्ड ट्रंप का आदेश: 7 दिनों में तीसरा सबसे बड़ा हमला
जहाज पर हुए इस हमले के तुरंत बाद वाशिंगटन से आए एक आदेश ने खाड़ी देशों में हड़कंप मचा दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्देश पर सेंटकॉम ने ईरान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
सेंटकॉम (CENTCOM) का आधिकारिक बयान: “यह एक सप्ताह के भीतर ईरान पर अमेरिका का तीसरा सबसे बड़ा हमला है। हमने ईरान के 140 से ज्यादा ठिकानों को तबाह कर दिया है। हमारा मकसद होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।”
अमेरिका का दावा है कि बार-बार उकसावे के बावजूद ईरान को सुधरने और समझौते का पालन करने का मौका दिया गया था, लेकिन उसने फिर से वही रास्ता चुना।
ईरान का खतरनाक पलटवार: अलर्ट पर पूरा खाड़ी क्षेत्र
अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद ईरान शांत बैठने वालों में से नहीं था। उसने आधी रात को ऐसा जवाबी हमला किया जिसने कई देशों को सीधे इस युद्ध में खींच लिया है:
- निशाने पर आए 5 देश: ईरान की मिसाइलों और ड्रोनों ने UAE, कुवैत, कतर और बहरीन की तरफ रुख किया।
- जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर अटैक: इजरायल के पड़ोसी देश जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ईरान ने भारी नुकसान पहुंचाया है।
खाड़ी देशों में क्यों मचा है हड़कंप?
इस हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र के देश हाई अलर्ट पर आ गए हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट में अगर इसी तरह युद्ध चलता रहा, तो दुनिया भर में क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) की सप्लाई ठप हो सकती है, जिससे वैश्विक मंदी का खतरा पैदा हो जाएगा।
भविष्य की राह: क्या रुक पाएगा यह युद्ध?
अमेरिका में सरकार बदलने के बाद से ही ईरान के प्रति सख्त नीति अपनाई जा रही है। 16 दिनों के भीतर इस तीसरे बड़े हमले ने साफ कर दिया है कि अमेरिका अब ‘नो टॉलरेंस’ मोड में है। वहीं, ईरान के इस मल्टी-नेशन पलटवार ने साबित कर दिया है कि वह झुकने को तैयार नहीं है। दुनिया अब एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां से एक छोटी सी चूक भी तीसरे विश्व युद्ध (World War 3) की शुरुआत कर सकती है।

