‘होर्मुज स्ट्रेट’ बंद! क्या भारत में महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?

नई दिल्ली/तेहरान। मध्य पूर्व (Middle East) में भड़की जंग की आग ने अब वैश्विक अर्थव्यवस्था की दुखती रग पर हाथ रख दिया है। ईरान द्वारा दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऑयल रूट होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने के ऐलान के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार (Global Energy Market) में हड़कंप मच गया है।

रक्षा विशेषज्ञों और आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह समुद्री रास्ता कुछ दिन और बंद रहा, तो कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती हैं, जिससे भारत सहित पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल और रोजमर्रा की चीजें महंगी होने का सीधा खतरा पैदा हो गया है।

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना के मुताबिक, एक विदेशी जहाज तय समुद्री मार्ग का पालन नहीं कर रहा था और उसने अपना ट्रैकिंग सिस्टम भी बंद कर दिया था। चेतावनी के बाद भी रास्ता न बदलने पर ईरान ने सख्त कार्रवाई करते हुए इस रूट को अगले आदेश तक लॉक कर दिया है।

“अगर ईरान के खिलाफ कोई भी नई सैन्य कार्रवाई या हमला किया गया, तो उसका बेहद सख्त जवाब दिया जाएगा और क्षेत्र में मौजूद दुश्मन देशों के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।”

दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संकट पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। अमेरिका की मांग है कि ईरान सार्वजनिक रूप से लिखित गारंटी दे कि वह इस रूट से गुजरने वाले जहाजों पर कभी हमला नहीं करेगा और सभी देशों को बिना किसी शुल्क और रोक-टोक के आने-जाने की अनुमति मिलेगी।

डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि हालिया हमलों के बाद सीजफायर (युद्धविराम) अब आधिकारिक रूप से समाप्त हो चुका है, लेकिन युद्ध को टालने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच पर्दे के पीछे बातचीत जारी रखने पर सहमति बनी है।

होर्मुज जलडमरूमध्य को वैश्विक अर्थव्यवस्था का ‘गला’ माना जाता है।

  • 20% तेल की सप्लाई: इस संकट से पहले दुनिया के कुल कच्चे तेल की सप्लाई का लगभग 20% हिस्सा इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता था।
  • प्रमुख देशों का रूट: सऊदी अरब, कतर, यूएई, कुवैत और इराक जैसे बड़े तेल उत्पादक देश इसी रास्ते से अपना क्रूड ऑयल दुनिया भर में भेजते हैं।
प्रभावित होने वाले क्षेत्रसीधा असर (Impact)
कच्चा तेल (Crude Oil)सप्लाई रुकने से कीमतों में भारी उछाल की आशंका।
ट्रांसपोर्टेशनहवाई यात्रा और माल ढुलाई (Freight Charges) महंगी होगी।
आपकी जेबपेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) के दाम बढ़ सकते हैं।
ग्लोबल मार्केटरोजमर्रा के सामान महंगे होने से वैश्विक महंगाई (Inflation) बढ़ेगी।

भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात (Import) करता है, जिसका एक बड़ा हिस्सा इसी रूट से आता है। अगर होर्मुज स्ट्रेट लंबे समय तक बंद रहता है, तो भारतीय तेल कंपनियों पर बोझ बढ़ेगा, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पेट्रोल-डीजल की बढ़ी हुई कीमतों के रूप में दिख सकता है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली अगली बातचीत पर टिकी हैं।

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