ट्रंप को मारने की साजिश का दावा, इजरायल के इंटेल ने बदला खेल; ईरान पर फिर बरसे…

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। हाल के दिनों में ईरान के कई शहरों में विस्फोट और सैन्य कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं। तेहरान ने दावा किया है कि हालिया हमलों में उसके आठ सैनिकों की मौत हुई है। इसी बीच एक नई जानकारी ने पूरे घटनाक्रम को और संवेदनशील बना दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल ने अमेरिका के साथ ऐसी खुफिया जानकारी साझा की है, जिसमें दावा किया गया है कि ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कथित योजना बनाई थी। इस इनपुट के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई और तेज कर दी।

CNN की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने वॉशिंगटन को ऐसी इंटेलिजेंस उपलब्ध कराई, जिसमें ईरान द्वारा ट्रंप को निशाना बनाए जाने की कथित योजना का उल्लेख था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस जानकारी का हवाला देते हुए ट्रंप को ईरान के खिलाफ दोबारा कड़ा रुख अपनाने के लिए प्रेरित किया।

हालांकि, इस खुफिया जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और इसकी प्रामाणिकता को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।

कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात पर चिंता जताई है कि संभव है इजरायल की ओर से साझा की गई खुफिया जानकारी का उद्देश्य अमेरिका पर दबाव बनाना रहा हो। हालांकि इस दावे की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद इतना स्पष्ट है कि इस घटनाक्रम के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने हमले तेज कर दिए हैं।

नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने स्वयं संकेत दिया था कि उन्हें ईरान से अपनी सुरक्षा को लेकर खतरा महसूस होता है। उन्होंने कहा था कि उन्हें लगता है कि ईरान उन्हें निशाना बनाना चाहता है और उनका नाम कथित तौर पर उन लोगों की सूची में शामिल है जिन्हें नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई गई है।

ट्रंप के इस बयान के बाद इजरायल की ओर से साझा की गई कथित खुफिया जानकारी को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

इस बीच ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार और दफन की खबरों ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक सप्ताह तक चले श्रद्धांजलि कार्यक्रमों के बाद उन्हें मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह परिसर के पास सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है।

अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ता तनाव मध्य-पूर्व की सुरक्षा स्थिति को लगातार प्रभावित कर रहा है। इजरायल की ओर से साझा की गई कथित खुफिया जानकारी, अमेरिका की सैन्य प्रतिक्रिया और ट्रंप के बयान ने इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। हालांकि, कई दावों की अब तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए आधिकारिक बयानों और विश्वसनीय स्रोतों पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।

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