करूर भगदड़ पर CM विजय का दर्द छलका, बोले- पुलिस बताती तो बच सकती थीं जानें

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने करूर भगदड़ हादसे को लेकर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया और कई परिवारों ने अपने बच्चों को खो दिया, जिसका दर्द कभी भुलाया नहीं जा सकता।

शुक्रवार (10 जुलाई) को करूर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं थी, बल्कि पूरे समाज के लिए एक बड़ी त्रासदी थी। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री विजय ने भगदड़ से पहले की व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते भीड़ की स्थिति के बारे में जानकारी दी जाती तो शायद इस घटना को रोका जा सकता था।

उन्होंने कहा, “पेरंबलूर पुलिस ने पहले ही चेतावनी दी थी कि भीड़ बढ़ रही है, लेकिन करूर पुलिस की ओर से हमें ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई। वे खुद हमें कार्यक्रम स्थल तक लेकर गए और मैंने उन पर भरोसा किया।”

विजय ने कहा कि अगर प्रशासन ने समय रहते स्थिति की गंभीरता बताई होती तो हालात अलग हो सकते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देगी।

उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

सीएम विजय ने इस हादसे को लेकर राजनीति करने वालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में आरोप-प्रत्यारोप करने के बजाय पीड़ितों को न्याय दिलाने और व्यवस्था सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने विपक्षी दलों पर हमला करते हुए द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) पर पार्टी फंड के नाम पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया।

करूर भगदड़ की घटना के बाद बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक सवाल खड़े हुए हैं। अब चर्चा इस बात को लेकर है कि बड़े आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को कैसे बेहतर बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

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