Ram Mandir Donation Theft Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड का ‘मास्टरमाइंड’ निकला अविनाश शुक्ला; SIT की चार्जशीट में चौंकाने वाला खुलासा
Key Highlights : मास्टरमाइंड अविनाश शुक्ला: दान-गिनती सिस्टम को ऐसे लगाया चूना
- SIT का बड़ा खुलासा: 40 दिनों में 70 बार हुई चोरी; अविनाश शुक्ला को बनाया गया मुख्य आरोपी।
- अंधेरे का फायदा: सीसीटीवी के ‘ब्लाइंड स्पॉट्स’ और वॉशरूम का इस्तेमाल कर छुपाया जाता था कैश।
- कड़ी पूछताछ: तीन अन्य आरोपियों को जेल से निकालकर 40 घंटे की पुलिस रिमांड पर लिया गया।
जुबिली स्पेशल डेस्क
अयोध्या के भव्य राम मंदिर में भक्तों के चढ़ावे की चोरी के मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी हाई-लेवल रिपोर्ट में चौंकाने वाले दावे किए हैं। एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (होम) संजय प्रसाद को सौंपी गई प्राथमिक रिपोर्ट में अविनाश शुक्ला को इस पूरे घोटाले का ‘अक्यूज्ड नंबर 1’ (मुख्य आरोपी) और सबसे बड़ी साजिश की मुख्य कड़ी बताया गया है।
SIT की जांच के अनुसार, अविनाश शुक्ला ने मंदिर के ‘डोनेशन-काउंटिंग सिस्टम’ (दान पेटियों की गिनती) के भीतर सेंध लगाकर भक्तों की आस्था और चढ़ावे का बड़े पैमाने पर गबन किया। जांच टीम ने स्पष्ट किया है कि अविनाश से मिले डिजिटल और फिजिकल सुरागों के दम पर ही वे इस रैकेट में शामिल 5 अन्य आरोपियों तक पहुँच पाए हैं।
CCTV से लेकर बैंक अकाउंट तक: ऐसे खुली पोल
जांच एजेंसियों के अनुसार, अविनाश शुक्ला की संलिप्तता पूरी तरह पुख्ता हो चुकी है। उसकी पोल खोलने में 4 सबसे बड़े सबूत सामने आए हैं:
- CCTV फुटेज: फुटेज की बार-बारी से जांच करने पर सामने आया कि आरोपी नोटों की गिनती के दौरान चालाकी से बंडल गायब कर देते थे। वे कैमरे के ‘ब्लाइंड स्पॉट्स’ (जहां कैमरा नहीं देख पाता) का फायदा उठाकर कैश को वॉशरूम में छिपाते थे।
- रिकवरी और बैंक खाते: आरोपियों के बैंक खातों में उनकी सैलरी (करीब 15 से 20 हजार रुपये) से कई गुना ज्यादा संदिग्ध ट्रांजैक्शन पाए गए। चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ आरोपियों ने महीनों से अपनी सैलरी छुई तक नहीं थी, क्योंकि उनका खर्च चोरी की रकम से चल रहा था।
- गवाहों के बयान: शुरुआती बयानों और गवाहों के इनपुट्स ने इस रैकेट के काम करने के तरीके (Modus Operandi) को पूरी तरह डिकोड कर दिया है।
एक्शन में यूपी पुलिस: 3 आरोपी 40 घंटे की रिमांड पर, सर्राफा कारोबारी हिरासत में
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस अब एक्शन मोड में है। बुधवार सुबह पुलिस की टीम तीन प्रमुख आरोपियों लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडेय को जेल से बाहर निकालकर अपनी कस्टडी में ले चुकी है।
- 40 घंटे की मैराथन पूछताछ: कोर्ट की अनुमति के बाद पुलिस इन तीनों से गुरुवार रात 10 बजे तक लगातार कस्टडी रिमांड में पूछताछ करेगी। पुलिस को उम्मीद है कि पिछले बयानों में मिले सुरागों के आधार पर कुछ और छिपाई गई रकम बरामद हो सकती है।
- जांच की आंच में कारोबारी: चोरी के पैसों को खपाने और सोना-चांदी खरीदने के शक में पुलिस ने इनायतनगर के एक नामचीन सर्राफा कारोबारी (ज्वेलर) को हिरासत में लिया है। इसके साथ ही, कुछ स्थानीय बिल्डिंग मटेरियल कारोबारियों को भी पूछताछ के दायरे में लाया गया है, जहां पैसों को प्रॉपर्टी या कंस्ट्रक्शन में इन्वेस्ट करने का संदेह है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपी सरकार द्वारा गठित SIT जांच का दायरा लगातार बढ़ा रही है, ताकि भक्तों के चढ़ावे से जुड़े इस पूरे सिंडिकेट को जड़ से खत्म किया जा सके।



