मैनचेस्टर में टूटा सचिन का रिकॉर्ड, लेकिन बिश्नोई के ‘विलेन’ ओवर ने टीम इंडिया से छीनी जीत; इंग्लैंड 1-0 से आगे
मुख्य बातें
- ऐतिहासिक क्षण: 15 साल 99 दिन के वैभव सूर्यवंशी ने इंटरनेशनल डेब्यू कर सचिन तेंदुलकर (16 साल 205 दिन) का सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी होने का रिकॉर्ड तोड़ा।
- मैच का विलेन ओवर: 16 ओवर तक बराबरी पर चल रहे मैच को रवि बिश्नोई ने 17वें ओवर में 29 रन (2 नो-बॉल समेत) लुटाकर इंग्लैंड की झोली में डाल दिया।
- इंग्लिश हीरो: नंबर 4 पर आए जेकब बेथेल ने 46 गेंदों पर नाबाद 76 रनों (5 चौके, 5 छक्के) की मैच जिताऊ पारी खेली।
जुबिली स्पेशल डेस्क
1. रिकॉर्ड बुक में सूर्यवंशी का उदय, आर्चर को पहली ही गेंद पर सिक्स
इस मैच का सबसे बड़ा आकर्षण 15 वर्षीय वंडर बॉय वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू रहा। संजू सैमसन की जगह प्लेइंग इलेवन में शामिल हुए वैभव भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं।
- डेब्यू की झलक: भले ही वैभव 10 गेंदों पर 14 रन बनाकर विल जैक्स की गेंद पर स्टंप आउट हो गए, लेकिन उन्होंने दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में से एक जोफ्रा आर्चर की पहली ही गेंद पर गगनचुंबी छक्का जड़कर जता दिया कि उनमें कितना दम है।
2. बल्लेबाजों ने बनाया था मजबूत बेस
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर 190 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया था।
- ओपनर अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों पर 43 रनों की तेज तर्रार पारी खेली, जबकि ईशान किशन ने टीम के लिए सबसे ज्यादा 49 रन बनाए। कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी 37 रनों का योगदान दिया। इंग्लैंड की ओर से सैम करन ने सबसे ज्यादा 3 विकेट झटके।
3. अर्शदीप का डबल डिमोलिशन और बेथेल का पलटवार
191 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। भारत के स्टार पेसर अर्शदीप सिंह ने पारी के पहले ही ओवर में फिल साल्ट और जोस बटलर को शून्य पर पवेलियन भेजकर सनसनी मचा दी। इसके बाद अक्षर पटेल ने खतरनाक दिख रहे हैरी ब्रूक (39 रन) को आउट कर इंग्लैंड का स्कोर 76/3 कर दिया था।
लेकिन यहां से टॉम बैंटन (39) और युवा जेकब बेथेल ने मोर्चा संभाला। दोनों ने सूझबूझ से पारी को आगे बढ़ाया और टीम को रेस में बनाए रखा। वरुण चक्रवर्ती ने विल जैक्स (9) को आउट कर भारत की उम्मीदें जगाई थीं, और 16 ओवर तक इंग्लैंड का स्कोर 5 विकेट पर 142 रन था।
4. वो 17वां ओवर: रवि बिश्नोई से कहां हुई चूक?
आखिरी 24 गेंदों पर इंग्लैंड को 49 रनों की दरकार थी और मैच पूरी तरह फंसा हुआ था। कप्तान ने गेंद लेग स्पिनर रवि बिश्नोई को थमाई, लेकिन यह ओवर भारतीय फैंस के लिए किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ।
- बिश्नोई ने इस ओवर में दिशाहीन गेंदबाजी की और 2 नो-बॉल फेंक दीं।
- क्रीज पर सेट जेकब बेथेल ने इन दोनों फ्री-हिट का पूरा फायदा उठाते हुए छक्के जड़े।
- इस एक अकेले ओवर में 29 रन आए, जिसने मैच का रुख पूरी तरह इंग्लैंड की तरफ मोड़ दिया। इसके बाद बचे हुए 20 रन इंग्लैंड ने 19वें ओवर में ही आसानी से बना लिए।
भारतीय टीम के लिए आयरलैंड में 0-2 की हार के बाद इंग्लैंड दौरे की शुरुआत भी निराशाजनक रही है। गेंदबाजों की कसी हुई शुरुआत के बाद डेथ ओवर्स के खराब मैनेजमेंट और एक्स्ट्रा रनों (नो-बॉल) ने भारत के हाथ से जीता-जिताया मैच छीन लिया। अब सीरीज में बने रहने के लिए टीम इंडिया को अगले मुकाबले में हर हाल में वापसी करनी होगी।


