दिल्ली कोर्ट ने बिहार के BJP विधायक राजू सिंह को सुनाई 4 साल की जेल, ₹25 लाख का जुर्माना; डॉक्टर की मौत का मामला

नई दिल्ली / पटना। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide Not Amounting to Murder) के एक मामले में बिहार के साहेबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को चार साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उन पर 25 लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया है।

यह पूरा मामला साल 2019 में दिल्ली के वसंत कुंज स्थित एक फार्महाउस में नए साल की पूर्व संध्या (New Year’s Eve) पर हुई हर्ष फायरिंग से जुड़ा है, जिसमें एक महिला डॉक्टर अर्चना गुप्ता की गोली लगने से मौत हो गई थी।

सजा की अवधि पर बहस के दौरान भाजपा विधायक राजू सिंह और उनके वकीलों ने कोर्ट के सामने बेहद अजीबोगरीब दलीलें पेश कीं। विधायक की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राजीव मोहन ने कोर्ट से सजा माफ करने या कम करने की अपील करते हुए कहा कि यह “सब्जेक्टिव लापरवाही” का मामला है।

विधायक की दूसरी वकील नंदिता राव ने तर्क दिया कि घटना के बाद विधायक की पत्नी और बच्चे खुद पीड़ित डॉक्टर को अपनी कार से अस्पताल ले गए थे, जो आरोपी के गहरे दुख और जिम्मेदारी को दिखाता है। उन्होंने यह भी दलील दी कि विधायक की राजनीतिक सीट को बचाने के लिए सजा को दो साल से कम रखा जाए।

स्पेशल जज विशाल गोगने ने विधायक की इन वैज्ञानिक और राजनीतिक दलीलों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने 6 जून को ही राजू सिंह को इंडियन पीनल कोड (IPC) के सेक्शन 304 (II) (गैर-इरादतन हत्या) और आर्म्स एक्ट के सेक्शन 30 (लाइसेंस नियमों का उल्लंघन) के तहत दोषी करार दिया था।

सजा का ऐलान होते ही राजू सिंह को तुरंत ज्यूडिशियल कस्टडी (न्यायिक हिरासत) में ले लिया गया। बता दें कि वह फरवरी 2019 से इस मामले में जमानत पर बाहर चल रहे थे।

इसी मामले में कोर्ट ने राहत देते हुए राजू सिंह की पत्नी रेनू सिंह और दो अन्य आरोपियों को सबूत मिटाने के आरोपों से बरी कर दिया है। अदालत ने माना कि उनके खिलाफ सबूत मिटाने के कोई ठोस और पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं।

सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के मुताबिक, अगर किसी भी मौजूदा सांसद या विधायक को 2 साल या उससे अधिक की सजा सुनाई जाती है, तो उनकी सदस्यता तुरंत प्रभाव से रद्द हो जाती है। चूंकि राजू सिंह को 4 साल की सजा मिली है, इसलिए नियमों के तहत उनकी बिहार विधानसभा की सदस्यता जाना तय माना जा रहा है।

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