Ram Mandir Donation Theft Case: चंपत राय बोले- ‘कलंक लेकर अयोध्या से नहीं जाऊंगा’, सब बताऊंगा

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। आरोपों के बीच वह सार्वजनिक रूप से बेहद कम दिखाई दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, वह फिलहाल एक तरह के एकांतवास में हैं और विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।बताया जा रहा है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही वह पूरे मामले पर विस्तार से अपना पक्ष रख सकते हैं।
‘कलंक लेकर अयोध्या से नहीं जाऊंगा’
सूत्रों के मुताबिक, अपने करीबी लोगों से बातचीत में चंपत राय ने कहा,”मैं कलंक लेकर अयोध्या से नहीं जाऊंगा। यहां मेरी सेवा पूरी हो चुकी है, मंदिर बन गया है, लेकिन अपने ऊपर लगे दाग के साथ यहां से विदा नहीं हो सकता।”
हालांकि, यह बयान आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया गया है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसे सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के तौर पर देखा जा रहा है।
‘टिन्नू यादव ने मुझे धोखा दिया’
सूत्रों के अनुसार, बातचीत के दौरान चंपत राय ने चढ़ावा चोरी प्रकरण के मुख्य आरोपी बताए जा रहे टिन्नू यादव का भी जिक्र किया। उन्होंने कथित तौर पर कहा,
“टिन्नू यादव ने मुझे धोखा दिया। मुझे उससे ऐसी उम्मीद बिल्कुल नहीं थी।”
बताया जाता है कि 80 वर्षीय चंपत राय इन दिनों तीर्थ क्षेत्र पुरम स्थित अपने आवास पर रह रहे हैं।
भगवान राम की प्रतिमा की ओर किया इशारा
सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में जब कुछ करीबी लोग उनके स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति का हालचाल जानने पहुंचे, तो उन्होंने अपने कमरे में रखी भगवान श्रीराम की छोटी प्रतिमा की ओर इशारा करते हुए कहा,
“मुझे किस बात की चिंता है। अगर ये आरोप लगवाए हैं, तो इन्हीं की कृपा से ये आरोप हटेंगे भी।”
फिलहाल चंपत राय इस पूरे मामले पर सार्वजनिक टिप्पणी करने से बच रहे हैं और उनकी नजर SIT की अंतिम जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों तक पहुंची जांच
सूत्रों के अनुसार, चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के शीर्ष स्तर तक पहुंच गई है। जांच एजेंसियां जल्द ही ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी से पूछताछ कर सकती हैं।
जांच का फोकस दानराशि के प्रबंधन, वित्तीय निगरानी और ट्रस्ट की जवाबदेही पर रहेगा। अधिकारी यह जानने की कोशिश करेंगे कि चढ़ावे की गिनती, बैंक में जमा करने और पूरी वित्तीय व्यवस्था की निगरानी किस प्रकार की जाती थी तथा कहीं किसी स्तर पर कोई चूक हुई या नहीं।
MOU की भी होगी जांच
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां ट्रस्ट और बैंक के बीच दानराशि की गिनती, जमा और प्रबंधन को लेकर हुए एमओयू (Memorandum of Understanding) की भी समीक्षा कर रही हैं।
बताया जा रहा है कि इस समझौते पर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी के हस्ताक्षर भी हैं। ऐसे में जांच टीम यह पता लगाएगी कि समझौते में तय सभी नियमों और जिम्मेदारियों का पालन हुआ था या नहीं तथा वित्तीय नियंत्रण की व्यवस्था कितनी प्रभावी थी।
6 जुलाई को होगी ट्रस्ट की अहम बैठक
इस बीच, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक अब 11 जुलाई के बजाय 6 जुलाई को आयोजित की जाएगी। यह बैठक मणिराम दास की छावनी में ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में होगी।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के संभावित इस्तीफों पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था, वित्तीय प्रणाली में सुधार और भविष्य की कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है।
जांच जारी, अंतिम निष्कर्ष का इंतजार
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच अभी जारी है और कई पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। चंपत राय, ट्रस्ट पदाधिकारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के संबंध में सामने आए दावे फिलहाल जांच के दायरे में हैं। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों और SIT की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।



