हर 3 में से 1 भारतीय फैटी लिवर का शिकार! जेपी नड्डा ने दी बड़ी चेतावनी

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि देश में फैटी लिवर बीमारी तेजी से बढ़ रही है और इसके प्रति जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है। उन्होंने नई दिल्ली स्थित ILBS (Institute of Liver and Biliary Sciences) के दसवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए संस्थान की उपलब्धियों की सराहना की।

नड्डा ने कहा कि ILBS सिर्फ लिवर रोगों के इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि बीमारी की रोकथाम, शोध और लोगों को जागरूक करने के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आज फैटी लिवर एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। लोगों में इस बीमारी को लेकर जागरूकता बढ़ाने में ILBS की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

उन्होंने मेडिकल छात्रों से अपील की कि वे अपनी शिक्षा और विशेषज्ञता का इस्तेमाल समाज की सेवा में करें और स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान दें।

जेपी नड्डा ने देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए विस्तार का जिक्र करते हुए कहा कि पहले भारत में मेडिकल सुविधाएं सीमित थीं, लेकिन अब स्वास्थ्य ढांचे में बड़ा बदलाव आया है।

उन्होंने बताया कि 20वीं सदी के अंत तक देश में केवल एक एम्स था, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में 6 नए एम्स स्थापित किए गए। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में एम्स की संख्या बढ़कर 23 हो गई है।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में भी काफी वृद्धि हुई है, जिससे देश में डॉक्टरों और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ी है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि देशभर में 1,86,000 आयुष्मान आरोग्य मंदिर काम कर रहे हैं, जहां प्राथमिक स्तर पर बीमारियों की जांच और शुरुआती इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि स्वस्थ भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए समय पर बीमारी की पहचान और जांच बेहद जरूरी है।

कार्यक्रम में ILBS के वाइस चांसलर डॉ. एस.के. सरीन ने संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ILBS दुनिया की एकमात्र लिवर यूनिवर्सिटी है।

उन्होंने कहा कि साल 2025 में ILBS में करीब 1.60 लाख मरीजों का इलाज किया गया। इसके अलावा संस्थान में अब तक 1,392 लिवर ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं।

डॉ. सरीन ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के 69 मरीजों का भी लिवर ट्रांसप्लांट किया गया है।

डॉ. सरीन ने कहा कि देश में हर तीन में से एक व्यक्ति फैटी लिवर से प्रभावित है। उन्होंने मांग की कि जिस तरह किडनी ट्रांसप्लांट को आयुष्मान भारत योजना में शामिल किया गया है, उसी तरह लिवर ट्रांसप्लांट को भी योजना का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बेहतर चिकित्सा सेवाओं, रिसर्च और मेडिकल प्रशिक्षण के क्षेत्र में ILBS लगातार काम कर रहा है और दसवां दीक्षांत समारोह संस्थान की इसी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

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