राम मंदिर चंदा चोरी मामला: आज खत्म होगी 8 आरोपियों की रिमांड, आज कोर्ट में पेशी

Ayodhya Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या के चर्चित राम मंदिर चढ़ावा (चंदा) चोरी मामले में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। मामले में गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों की रिमांड आज समाप्त हो रही है और उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस बीच फैजाबाद बार एसोसिएशन की आम सभा की बैठक भी बुलाई गई है, जिसमें यह फैसला लिया जाएगा कि आरोपी पक्ष की पैरवी की जाएगी या नहीं।
आज कोर्ट में होगी 8 आरोपियों की पेशी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आठों आरोपियों की सोमवार को कोर्ट में पेशी होगी। पुलिस उनसे आगे की पूछताछ के लिए दोबारा रिमांड की मांग कर सकती है। इससे पहले रविवार को पुलिस ने आरोपियों के घरों पर छापेमारी कर कई अहम सबूत जुटाए।
आरोपियों के घरों पर पुलिस की छापेमारी
रविवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू के घर से ज्वैलरी, नकदी और प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज बरामद किए। इसके अलावा अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और रमाशंकर मिश्रा के पैतृक घरों पर भी तलाशी अभियान चलाया गया।
वकील करेंगे पैरवी या नहीं? आज होगा फैसला
फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका मिश्रा ने रविवार को कहा था कि आरोपियों की पैरवी को लेकर अंतिम निर्णय सोमवार को आम सभा की बैठक में लिया जाएगा। फिलहाल कई वकीलों ने सार्वजनिक रूप से आरोपियों का पक्ष न रखने की बात कही है, लेकिन अंतिम फैसला बैठक के बाद स्पष्ट होगा।
चंदा चोरी मामले में कौन-कौन हैं आरोपी?
25 जून को दर्ज पहली एफआईआर में कुल आठ लोगों को नामजद किया गया है। इनमें राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू, अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, रमाशंकर मिश्रा, मनीष यादव और करुणेश पांडे शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी का पता 4 जून को ही चल गया था, लेकिन एफआईआर 25 जून को दर्ज की गई।
चोरी की रकम पहले ही हो चुकी थी बरामद
बताया जा रहा है कि 5 जून तक करीब 58 लाख रुपये और 8 जून तक लगभग 79.85 लाख रुपये बरामद कर लिए गए थे। इसके बावजूद एफआईआर दर्ज होने में करीब 20 दिन लग गए। जांच के दौरान कर्मचारियों ने रकम ट्रस्ट को सौंप दी थी और बैंक खातों से भी धनराशि निकलवाई गई थी।
SIT जांच के बाद बढ़ी कार्रवाई
मामले ने उस समय राजनीतिक तूल पकड़ लिया जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 7 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जांच की मांग की। इसके बाद लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। शुरुआती दौर में ट्रस्ट की ओर से आरोपों को खारिज किया गया, लेकिन बाद में ट्रस्ट के अनुरोध पर 13 जून को सरकार ने एसआईटी का गठन कर जांच शुरू कराई।
चंदा चोरी पर अखिलेश यादव और सीएम योगी आमने-सामने
राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला अब राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है। रविवार को अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी की प्राथमिकता धर्म नहीं बल्कि चंदा है। उन्होंने सत्ता में आने पर अयोध्या को धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करने की बात भी कही।
वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पलटवार करते हुए कहा कि अयोध्या को रामभक्तों ने संवार दिया है और अखिलेश यादव को श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
अब आगे क्या?
सोमवार को कोर्ट में आरोपियों की पेशी, पुलिस की संभावित रिमांड याचिका और बार एसोसिएशन की बैठक—इन तीनों घटनाओं पर पूरे मामले की अगली दिशा निर्भर करेगी। साथ ही एसआईटी जांच में सामने आने वाले नए तथ्यों पर भी सभी की नजर बनी हुई है।



