iPhone 18 खरीदना पड़ सकता है महंगा! टिम कुक ने दिया बड़ा संकेत, जानिए कितनी बढ़ सकती है कीमत

मोबाइल फोन बाजार में पिछले कुछ महीनों से कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। कई स्मार्टफोन कंपनियां पहले ही अपने उत्पादों के दाम बढ़ा चुकी हैं और अब दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक Apple भी कीमतें बढ़ाने की तैयारी में दिखाई दे रही है। कंपनी के सीईओ Tim Cook ने साफ संकेत दिया है कि मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की बढ़ती लागत के कारण प्राइस हाइक को टालना अब संभव नहीं है।

एक हालिया इंटरव्यू में टिम कुक ने कहा कि Apple अब तक बढ़ती लागत का बोझ खुद उठाने की कोशिश कर रही थी ताकि ग्राहकों पर असर न पड़े, लेकिन अब स्थिति “अस्थिर” हो गई है और कीमतों में बढ़ोतरी लगभग तय है। हालांकि उन्होंने किसी विशेष उत्पाद का नाम नहीं लिया, लेकिन माना जा रहा है कि आगामी iPhone 18 सीरीज, iPad और Mac डिवाइस इस फैसले से प्रभावित हो सकते हैं।

कुक के अनुसार AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) उद्योग की तेज मांग के कारण DRAM और NAND स्टोरेज चिप्स की कीमतों में भारी उछाल आया है। चिप निर्माता अब अपने उत्पादन का बड़ा हिस्सा AI सर्वरों के लिए आरक्षित कर रहे हैं, जिससे उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के लिए सप्लाई महंगी हो गई है।

विश्लेषकों का अनुमान है कि Apple का मौजूदा मुनाफा मार्जिन बनाए रखने के लिए iPhone 18 Pro की कीमत में लगभग 200 से 300 डॉलर तक की बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,299 डॉलर से लेकर 1,399 डॉलर तक पहुंच सकती है।

यदि भारतीय मुद्रा में देखें तो यह कीमत लगभग 1.30 लाख रुपये से अधिक बैठती है। भारत में आयात शुल्क, GST और अन्य कर जोड़ने के बाद इसकी कीमत और ज्यादा हो सकती है।

रिपोर्ट्स के अनुसार iPhone 17 Pro में इस्तेमाल होने वाली 12GB DRAM मेमोरी की लागत लगभग 39 डॉलर थी, जबकि iPhone 18 Pro में वही मेमोरी लगभग 145 डॉलर तक पहुंच सकती है। इसी तरह स्टोरेज चिप्स की कीमतें भी कई गुना बढ़ गई हैं।

TechInsights के अनुमान के मुताबिक iPhone 18 Pro की मैन्युफैक्चरिंग लागत लगभग 726 डॉलर तक पहुंच सकती है, जो पिछले मॉडल की तुलना में काफी अधिक है। इसके अलावा नए कैमरा सिस्टम और AI फीचर्स के लिए अतिरिक्त हार्डवेयर भी लागत बढ़ाएंगे।

Apple ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि कीमतें किन-किन उत्पादों पर बढ़ेंगी। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि Mac और iPad की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। कंपनी पहले ही कुछ Mac मॉडल्स की शुरुआती कीमतें बढ़ा चुकी है।

दिलचस्प बात यह है कि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि Apple बेस iPhone 18 मॉडल की कीमत को स्थिर रखने की कोशिश कर सकती है ताकि आम ग्राहकों पर ज्यादा असर न पड़े। लेकिन Pro और Pro Max मॉडल्स में कीमत बढ़ने की संभावना ज्यादा मानी जा रही है।

यदि Apple वास्तव में कीमतें बढ़ाती है, तो प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार में एक नया ट्रेंड शुरू हो सकता है। Samsung, Xiaomi, Sony और अन्य कंपनियां पहले ही बढ़ती लागत का हवाला देकर कीमतों में संशोधन कर चुकी हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में फ्लैगशिप स्मार्टफोन पहले से अधिक महंगे हो सकते हैं।

Apple ने अभी तक iPhone 18 की आधिकारिक कीमतों की घोषणा नहीं की है, लेकिन टिम कुक के बयान के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि आने वाली iPhone 18 सीरीज पिछले मॉडल्स से महंगी हो सकती है। सितंबर में होने वाले Apple लॉन्च इवेंट पर दुनिया भर के टेक प्रेमियों की नजरें टिकी रहेंगी, जहां यह साफ होगा कि बढ़ती चिप लागत का बोझ कंपनी खुद उठाती है या ग्राहकों पर डालती है।

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