Muharram 2026: मोहर्रम पर सीएम योगी सख्त, पालन करने होंगे ये नियम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी मोहर्रम को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि मोहर्रम मातम और श्रद्धांजलि का अवसर है, इसलिए इसके दौरान किसी भी प्रकार का शक्ति प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश की कानून-व्यवस्था और आगामी त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को मोहर्रम से पहले आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर धर्मगुरुओं और आयोजकों के साथ संवाद स्थापित कर शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित किया जाए।
मोहर्रम के दौरान इन नियमों का करना होगा पालन
1. हथियारों के प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक
मोहर्रम के जुलूसों में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा। प्रशासन को ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
2. कानफोड़ू डीजे और तेज ध्वनि पर नियंत्रण
जुलूसों और आयोजनों में अत्यधिक तेज आवाज वाले डीजे, ढोल और ताशों के अनियंत्रित उपयोग की अनुमति नहीं होगी। ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
3. नई परंपरा शुरू करने की अनुमति नहीं
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि मोहर्रम के दौरान किसी भी नई परंपरा या नई गतिविधि की शुरुआत नहीं की जाएगी। आयोजन पूर्व निर्धारित परंपराओं के अनुसार ही होंगे।
4. ताजियों की ऊंचाई तय सीमा में होगी
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 10 से 12 फीट से अधिक ऊंची ताजियों को अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन को इसकी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
5. कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई
किसी भी प्रकार की अफवाह, विवाद या शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों को दिए गए विशेष निर्देश
सीएम योगी ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मोहर्रम से पहले आयोजकों और स्थानीय समुदाय के लोगों के साथ बैठकें करें। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए और किसी भी संभावित विवाद को पहले ही सुलझाने का प्रयास किया जाए।
मोहर्रम का धार्मिक महत्व
मोहर्रम इस्लामिक कैलेंडर का पहला और पवित्र महीना माना जाता है। यह हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाता है। इस महीने को शोक और श्रद्धांजलि का प्रतीक माना जाता है तथा इसके साथ इस्लामिक नववर्ष यानी हिजरी वर्ष की शुरुआत भी होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाएगा, लेकिन शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।



