ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर हमला, बोले- ‘जाति की राजनीति से समाज को बांटना बंद करें’

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और Om Prakash Rajbhar ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक लंबे पोस्ट में राजभर ने अखिलेश यादव और सपा पर जातीय राजनीति करने तथा समाज को बांटने का आरोप लगाया।
सोशल मीडिया पर साधा निशाना
ओम प्रकाश राजभर ने अपने पोस्ट में अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि लगातार चुनावी हार के बावजूद सपा नेतृत्व अपनी राजनीति की शैली बदलने को तैयार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा और उसके समर्थक विभिन्न घटनाओं को जातीय रंग देकर समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश करते हैं।
‘घटनाओं को जातीय संघर्ष बताने की कोशिश’
सुभासपा प्रमुख ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कई आपराधिक और सामाजिक घटनाओं को सपा नेताओं और समर्थकों द्वारा जातीय संघर्ष के रूप में पेश किया गया, जबकि जांच और स्थानीय तथ्यों में कई मामलों के पीछे निजी विवाद, जमीन संबंधी झगड़े या पारिवारिक कारण सामने आए।
राजभर ने बस्ती, बुलंदशहर, सुल्तानपुर, कुशीनगर, रायबरेली और मेरठ सहित कई मामलों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इन घटनाओं को राजनीतिक लाभ के लिए जातीय चश्मे से देखने का प्रयास किया गया।
AI वीडियो और फर्जी नैरेटिव का भी लगाया आरोप
ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर कई फर्जी वीडियो और एडिटेड कंटेंट के जरिए राजनीतिक माहौल प्रभावित करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि जनता अब ऐसे कथित नैरेटिव को समझ चुकी है और आने वाले चुनावों में इसका जवाब देगी।
2027 चुनाव को लेकर भी किया दावा
राजभर ने दावा किया कि वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को बड़ा राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समाज अब राजनीतिक दलों की रणनीतियों को समझ रहा है और वोट बैंक की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगा।
सियासी बयानबाजी हुई तेज
लोकसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। हाल के दिनों में अखिलेश यादव और ओम प्रकाश राजभर के बीच सोशल मीडिया के जरिए कई बार राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले हैं। ऐसे में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की सियासत और अधिक गर्माने के संकेत मिल रहे हैं।



