तमिलनाडु बीजेपी में बड़ा धमाका! अन्नामलाई ने छोड़ी पार्टी, नई सियासी पारी के संकेत

तमिलनाडु बीजेपी के कद्दावर नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है। अन्नामलाई के इस फैसले ने तमिलनाडु की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है और उनके अगले कदम को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है।

सूत्रों के मुताबिक, इस्तीफे की चर्चाओं के बीच 2 जून को अन्नामलाई ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने पार्टी हाईकमान को बीजेपी छोड़ने के अपने फैसले की जानकारी दी थी।

बताया जा रहा है कि करीब 30 मिनट तक चली इस मुलाकात में अन्नामलाई और अमित शाह के बीच तमिलनाडु की राजनीतिक परिस्थितियों समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि, बैठक को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि बीजेपी नेतृत्व ने अन्नामलाई से अपने इस्तीफे के फैसले पर पुनर्विचार करने और फिलहाल इसे टालने का आग्रह किया था। साथ ही उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि उनकी चिंताओं और सुझावों पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई पिछले कई महीनों से बीजेपी छोड़ने पर विचार कर रहे थे। तमिलनाडु की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और क्षेत्रीय राजनीति में नए समीकरणों को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अभिनेता विजय के राजनीति में सक्रिय होने और एक नई राजनीतिक ताकत के रूप में उभरने के बाद राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। इसी बदले हुए परिदृश्य में अन्नामलाई अपनी नई राजनीतिक भूमिका तलाश रहे हैं।

अन्नामलाई के करीबी सूत्रों का दावा है कि वह एक बड़े जन-आंदोलन की शुरुआत करने पर विचार कर रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह जन-आंदोलन भविष्य में एक नए राजनीतिक दल का रूप भी ले सकता है।

हालांकि, अन्नामलाई की ओर से अभी तक किसी नई पार्टी या राजनीतिक मंच की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में सभी की नजरें उनके अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

अन्नामलाई को तमिलनाडु बीजेपी का आक्रामक और लोकप्रिय चेहरा माना जाता रहा है। ऐसे में उनका पार्टी छोड़ना बीजेपी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। यदि वह नया राजनीतिक मंच तैयार करते हैं तो इसका असर राज्य की मौजूदा राजनीतिक पार्टियों और आगामी चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है।

फिलहाल अन्नामलाई की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन उनके इस्तीफे ने तमिलनाडु की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

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