CBSE 12वीं रिजल्ट पर बवाल: 4 लाख छात्रों ने खोली कॉपी, री-इवैल्यूएशन शुरू लेकिन पोर्टल ठप

नई दिल्ली: Central Board of Secondary Education (CBSE) की कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणाम जारी होने के बाद मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर छात्रों में असंतोष देखने को मिल रहा है। इसी बीच बोर्ड ने री-इवैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिका सत्यापन प्रक्रिया आज से शुरू कर दी है।
रिकॉर्ड संख्या में छात्रों की आपत्ति
CBSE के अनुसार इस बार करीब 4,04,319 छात्रों ने अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं देखने के लिए आवेदन किया है। कुल मिलाकर 11,31,961 कॉपियों की मांग दर्ज की गई है, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है।
बोर्ड ने अब तक लगभग 8.98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं डिजिटल रूप से उपलब्ध करा दी हैं।
OSM सिस्टम पर सवाल
इस साल CBSE ने मूल्यांकन के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली का उपयोग किया है, जिसमें परीक्षक स्कैन की गई कॉपियों को डिजिटल रूप से जांचते हैं।
हालांकि छात्रों ने आरोप लगाया है कि:
- कुछ उत्तरों की जांच ठीक से नहीं हुई
- स्कैनिंग में तकनीकी खामियां हैं
- उम्मीद से कम अंक दिए गए हैं
इन शिकायतों ने सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पोर्टल में तकनीकी दिक्कत
री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के लिए CBSE पोर्टल आज से चालू होना था, लेकिन वेबसाइट पर “मेंटेनेंस” का संदेश दिख रहा है, जिससे छात्रों को परेशानी हो रही है।
फीस में बदलाव
CBSE ने पोस्ट-रिजल्ट सेवाओं की फीस में बदलाव किया है:
- ₹100 प्रति विषय: कॉपी वेरिफिकेशन
- ₹100 प्रति विषय: स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए
- प्रति प्रश्न: री-इवैल्यूएशन शुल्क
बोर्ड का कहना है कि इसका उद्देश्य छात्रों को अधिक पारदर्शिता और राहत देना है।
री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया कैसे होगी?
छात्र CBSE की वेबसाइट पर जाकर:
- रोल नंबर से लॉगिन करेंगे
- विषय चुनकर कॉपी देखेंगे
- अंक जोड़ने या जांच में गलती पाए जाने पर आवेदन करेंगे
- अंतिम निर्णय के बाद अंक फाइनल होंगे
CBSE ने स्पष्ट किया है कि री-इवैल्यूएशन के बाद अंक बढ़ भी सकते हैं, घट भी सकते हैं या वैसे ही रह सकते हैं।
पारदर्शिता पर बहस जारी
मामले को लेकर छात्र संगठनों और अभिभावकों ने मूल्यांकन प्रणाली पर सवाल उठाए हैं। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल सिस्टम सही दिशा में कदम है, लेकिन तकनीकी सुधार जरूरी हैं।
बड़ी संख्या में छात्रों की आपत्ति और पोर्टल में तकनीकी दिक्कतों ने CBSE की मूल्यांकन प्रक्रिया को चर्चा में ला दिया है। अब सबकी नजर री-इवैल्यूएशन के नतीजों और बोर्ड की आगे की कार्रवाई पर है।



