AI बूम से चमके एशिया के अमीर घराने, टॉप पर फिर ये परिवार

जुबिली न्यूज डेस्क
आज पूरी दुनिया में Artificial Intelligence का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है और इसका असर अब वैश्विक संपत्ति पर भी साफ दिखने लगा है। AI इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे डेटा सेंटर, चिप्स, ऊर्जा और कच्चे माल की बढ़ती मांग ने एशिया के कई बड़े कारोबारी परिवारों की संपत्ति में जबरदस्त बढ़ोतरी की है।
Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में एशिया के टॉप 10 सबसे अमीर परिवारों की संपत्ति में उल्लेखनीय उछाल देखा गया है। इसके पीछे AI सेक्टर के साथ-साथ रियल एस्टेट और बैंकिंग सेक्टर की रिकवरी को बड़ा कारण माना जा रहा है।
अंबानी परिवार सबसे अमीर
भारत का Mukesh Ambani परिवार इस सूची में पहले स्थान पर है। उनकी कुल संपत्ति करीब $89.7 बिलियन (लगभग 7.4 लाख करोड़ रुपये) आंकी गई है। उनकी कंपनी Reliance Industries ऊर्जा, टेलीकॉम, रिटेल और फाइनेंशियल सर्विसेज में मजबूत पकड़ बनाए हुए है।
रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस ने AI इंफ्रास्ट्रक्चर में अगले 7 वर्षों में करीब $120 बिलियन तक निवेश की योजना बनाई है।
क्वोक परिवार दूसरे स्थान पर
हांगकांग का क्वोक परिवार $50.2 बिलियन की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर है। इनकी कमाई मुख्य रूप से रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़ी है, जहां हाल के समय में सुधार देखने को मिला है।
सैमसंग का ली परिवार तीसरे नंबर पर
Samsung के ली परिवार की संपत्ति $45.5 बिलियन है। सेमीकंडक्टर और स्मार्टफोन कारोबार के साथ AI और रोबोटिक्स में निवेश ने उनकी ग्रोथ को मजबूत किया है।
अन्य प्रमुख परिवारों की स्थिति
- चेरावनोंट परिवार (थाईलैंड) – फूड और रिटेल सेक्टर से $44.8 बिलियन
- झांग परिवार (China Hongqiao Group) – एल्युमीनियम और EV सेक्टर से $44.7 बिलियन
- त्साई परिवार (ताइवान) – बैंकिंग और इंश्योरेंस से $34.3 बिलियन
- यूविदया परिवार (Red Bull) – एनर्जी ड्रिंक ब्रांड से $32.9 बिलियन
- हार्टोनो परिवार (इंडोनेशिया) – बैंकिंग सेक्टर से $30.2 बिलियन
भारत के अन्य बड़े कारोबारी परिवार
- मिस्त्री परिवार – $29.5 बिलियन (Shapoorji Pallonji Group)
- जिंदल परिवार – $29.4 बिलियन (स्टील, एनर्जी और सीमेंट सेक्टर)
AI बना संपत्ति बढ़ाने का बड़ा इंजन
रिपोर्ट बताती है कि Artificial Intelligence केवल टेक सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि अब यह मेटल, एनर्जी, बैंकिंग और रियल एस्टेट जैसे पारंपरिक उद्योगों की भी ग्रोथ का बड़ा कारण बन चुका है।



