1 अप्रैल से पैन बनवाने से लेकर बैंक ट्रांजैक्शन तक नए नियम लागू

जुबिली स्पेशल डेस्क
लखनऊ: नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही सरकार ने PAN Card से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। 1 अप्रैल से लागू इन नए नियमों का असर पैन कार्ड बनवाने, बैंक में कैश जमा करने, प्रॉपर्टी खरीदने और बड़े ट्रांजैक्शन तक पड़ेगा।
आइए जानते हैं क्या-क्या बदला है
1. पैन कार्ड बनवाने के नियम हुए सख्त
अब केवल Aadhaar Card के आधार पर पैन कार्ड बनवाना संभव नहीं होगा। आवेदकों को आधार के साथ एक अतिरिक्त दस्तावेज देना अनिवार्य होगा।
इसमें बर्थ सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य वैध पहचान/पते का प्रमाण शामिल हो सकता है।
2. बैंक कैश डिपॉजिट नियम में बड़ा बदलाव
पहले 50,000 रुपये से अधिक जमा पर पैन जरूरी था, लेकिन अब यह नियम बदल गया है।
अब सालाना आधार पर 10 लाख रुपये तक बैंक खाते में कैश जमा करने पर PAN Card देना अनिवार्य होगा।
इससे छोटे-छोटे ट्रांजैक्शन करके नियम से बचने की गुंजाइश खत्म हो गई है।
3. वाहन खरीद पर पैन नियम बदला
अब 5 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले किसी भी वाहन (टू-व्हीलर या फोर-व्हीलर) की खरीद पर पैन देना अनिवार्य होगा।
पहले हर वाहन खरीद पर पैन जरूरी था, लेकिन अब इस सीमा को तय कर दिया गया है।
4. प्रॉपर्टी खरीद में राहत
प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के लिए पैन की अनिवार्यता की सीमा बढ़ा दी गई है।
अब 10 लाख रुपये के बजाय 20 लाख रुपये या उससे अधिक की संपत्ति खरीद पर ही PAN Card देना होगा।
5. होटल और रेस्टोरेंट बिल पर नई लिमिट
होटल या रेस्टोरेंट में कैश पेमेंट के लिए पैन दिखाने की सीमा 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है।
इसी तरह बीमा प्रीमियम के भुगतान नियमों में भी बदलाव किया गया है।
6. 2 लाख से ऊपर ट्रांजैक्शन पर पैन अनिवार्य
यदि किसी लेनदेन में अलग से पैन की शर्त नहीं है, तब भी 2 लाख रुपये से अधिक के किसी भी ट्रांजैक्शन पर पैन देना जरूरी होगा।
क्या है असर?
इन नए नियमों का मकसद टैक्स चोरी पर लगाम लगाना और वित्तीय लेनदेन को अधिक पारदर्शी बनाना है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अब बड़े कैश ट्रांजैक्शन और निवेश पर सरकार की निगरानी पहले से ज्यादा सख्त होगी।



