भारत टेक्नोलॉजी के फ्यूचर के लिए कितना तैयार है? रिपोर्ट में खुलासा!

जुबिली न्यूज डेस्क 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और उभरती तकनीकों की रेस में दुनिया तेजी से भाग रही है। ऐसे में कौन-सा देश कितना तैयार है, इसे लेकर संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा रिपोर्ट में 170 देशों की रैंकिंग जारी की गई है। भारत ने इस लिस्ट में 36वां स्थान हासिल किया है – जो 2022 में 48वें स्थान से एक बड़ी छलांग मानी जा रही है।

तकनीकी तैयारी में भारत की स्थिति कैसी है?
यूएन रिपोर्ट के अनुसार भारत का प्रदर्शन कुछ क्षेत्रों में बेहतरीन रहा है, तो कुछ मामलों में अभी सुधार की ज़रूरत है:

कैटेगरी भारत की रैंक
रिसर्च एंड डेवलपमेंट 3rd
इंडस्ट्रियल कैपेसिटी 10th
फाइनेंस एक्सेसिबिलिटी 70th
आईसीटी इंफ्रास्ट्रक्चर 99th
स्किल्स (कौशल) 113th

विकासशील देशों का बढ़ता प्रभाव

भारत के साथ-साथ चीन, ब्राज़ील और फिलीपींस जैसे विकासशील देशों ने टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन देशों ने अपने नागरिकों को हाई-स्किल्ड जॉब्स के लिए बेहतर तरीके से तैयार किया है।

भूटान, मोरक्को, मोल्दोवा और तिमोर-लेस्ते जैसे देशों ने भी कौशल विकास के क्षेत्र में अच्छा सुधार दिखाया है।

 AI की दुनिया में कौन आगे?

रिपोर्ट में बताया गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में चीन, अमेरिका, भारत, जर्मनी और ब्रिटेन सबसे आगे हैं। खास बात यह है कि AI को सिर्फ रोजगार के लिए खतरा नहीं माना गया, बल्कि इसमें संभावनाएं भी देखी जा रही हैं।

रिपोर्ट कहती है कि रीस्किलिंग और अपस्किलिंग से AI को एक अवसर में बदला जा सकता है, जिससे नई नौकरियां पैदा होंगी।

क्लाउड टेक्नोलॉजी में कौन मजबूत?

क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में अमेरिका और चीन सबसे आगे हैं। इनके पास वैश्विक सेवाओं का बड़ा हिस्सा है। हालांकि, सिंगापुर, भारत और ब्राज़ील जैसे विकासशील देश भी इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

GitHub डेवलपर्स के मामले में भी भारत दूसरे नंबर पर है – अमेरिका के बाद और चीन से आगे।

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 भारत के लिए क्या है आगे की राह?

रिसर्च, इंडस्ट्री और डिजिटल डेवलपमेंट में भारत की प्रगति सराहनीय है, लेकिन स्किल्स और बेसिक टेक्नोलॉजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में सुधार की सख्त ज़रूरत है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर भारत अपने कौशल विकास पर ध्यान दे, तो वह भविष्य की तकनीकी दुनिया का अगला सुपरपावर बन सकता है।

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