लॉकडाउन में नहीं मिली थी सैलरी, इसलिए टीचर ने उठाया ये कदम

जुबिली न्यूज़ डेस्क

पटना। कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए भारत सरकार ने लॉकडाउन लगाया, जिसके चलते देश के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लॉकडाउन में पूरा देश बंद रहा, जिसके चलते आम से लेकर खास तक सभी को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

लॉकडाउन के कारण स्कूल बंद हो गया। स्कूल प्रशासन ने टीचर्स को तीन महीने से पेमेंट नहीं किया। ऐसे में एक विधवा दिव्यांग शिक्षिका ने पुनपुन नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।

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नदी के रेलिंग पर पड़े बैशाखी से लोगों ने आशंका जताई तो पुलिस को घटना की जानकारी हुई। शव बरामद होने पर शिक्षिका की पहचान गोविंदपुर निवासी शांति देवी के रूप में हुई। लोगों के मुताबिक वह आर्थिक तंगी के चलते बहुत परेशान थी।

गोविंदपुर निवासी शांति देव एक निजी विद्यालय में शिक्षिका थी। शांति देवी के पति की दो साल पहले बीमारी से हुई मौत हो गई थी। इसके बाद वो अपने दो बच्चों की परवरिश कर रही थी। इसके लिए शांति देवी ने एक निजी विद्यालय में शिक्षण का कार्य करती थी।

कोरोना संक्रमण को चलते शांति देवी को पिछले 3 माह से विद्यालय बंद होने और वेतन नहीं मिला था। इसके चलते उसके परिवार के समक्ष आर्थिक तंगी की समस्या उत्पन्न हो गई, जिससे शांति देवी खासी परेशान थीं। इसी हताशा में आकर शांति देवी ने पुनपुन पुल से कूदकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने महिला शिक्षिका के घर से सुसाइड नोट भी बरामद कर लिया है।

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