मंदी पर वायरल हो रहे मजेदार मीम्स बहुत कुछ कहते हैं

न्यूज़ डेस्क।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रविवार को कहा कि ‘अर्थव्यवस्था की स्थिति आज बहुत चिंताजनक है। जीडीपी का पांच फीसदी पर पहुंच जाना इस बात का संकेत है कि हम एक लंबी मंदी के भंवर में फंस चुके हैं।’

उन्होंने कहा कि सरकार के कुप्रबंधन ने देश की अर्थव्यवस्था को मंदी में ढकेल दिया है। ऐसा नहीं है कि भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी से आगे बढऩे की क्षमता है लेकिन सरकार की गलत रणनीति की वजह से ऐसा हुआ है। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने एक बार फिर नोटबंदी और जीएसटी पर सवाल उठाते हुए कहा कि इन चीजों के मानवीय कुप्रबंधन से देश अभी तक उबर नहीं पाई है।

उनके इस बयान के बाद बीजेपी के कई नेताओं ने सिंह की आलोचना की है। सोशल मीडिया साईट ट्विटर पर भी #ManmohanSingh ट्रेंड कर रहा है और लोग तरह-तरह के मीम्स पोस्ट कर रहे हैं।

Thejaswi_N_K नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा कि, मोदी ने अर्थव्यवस्था को उठाने के लिए मनमोहन सिंह को नियुक्त किया। इस ट्वीट में एक पुराना फोटो भी पोस्ट किया है, जिसमें पीएम मोदी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह से हाथ मिला रहे हैं और मनमोहन सिंह के हाथ में एक बुके है।

वहीं विवेक भारती ने लिखा है कि, हम वास्तव में आपको याद करते हैं मनमोहन सिंह सर।

कालीदास नाम के यूजर ने लिखा कि, मनमोहनसिंह ने विमुद्रीकरण आपदा के सटीक परिणाम की भविष्यवाणी की। इस ट्वीट में उन्होंने एक तस्वीर भी पोस्ट की है जिसमें दो स्टेचू बने हुए हैं। बड़े स्टेचू को मनमोहन सिंह और छोटे स्टेचू को नरेंद्र मोदी बाताया गया है।

इसके आलावा एक अन्य यूजर ने मनमोहन सरकार और मोदी सरकार के दौरान जीडीपी को दर्शाते हुए दोनों पीएम के बीच अंतर को समझाने की कोशिश की है।

निर्मला सीतारमण ने कोई जवाब नहीं दिया

देश की अर्थव्यवस्था के बारे में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोई जवाब नहीं दिया। चेन्नई में रविवार को एक कार्यक्रम में पत्रकारों ने वित्त मंत्री से पूछा कि मनमोहन सिंह के आरोपों पर उनका क्या कहना है। इसके जवाब में निर्मला सीतारमण ने कहा कि ‘उन्होंने जो कहा, उस पर मेरा कोई विचार नहीं है। उन्होंने जो कहा है मैंने भी उसे सुना है।’

निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘क्या डॉ। मनमोहन सिंह कह रहे हैं कि ‘राजनीतिक प्रतिशोध में शामिल होने के बजाय उन्हें चुप्पी साधे लोगों से सलाह लेनी चाहिए? क्या उन्होंने ऐसा कहा है? ठीक है, धन्यवाद, मैं इस पर उनकी बात सुनूंगी। यही मेरा जवाब है।’

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