AAP और कांग्रेस के गठबंधन के पीछे का गणित

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2019 लोकसभा चुनाव को लेकर दिल्ली की राजनीति में आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के गठबंधन पर बात बनती दिख रही है। दोनों ही पार्टियों  ने दिल्‍ली और हरियाणा में गठबंधन कर चुनाव लड़ने को राज़ी हो गयी है, लेकिन पंजाब पर फैसला होना अभी बाकि है।
सूत्रों ने अनुसार दोनों पा‍र्टियां कितनी सीटों पर दिल्‍ली और हरियाणा में गठबंधन करेंगी, इस बात पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया, लेकिन कांग्रेस पार्टी अपने चुनावी घोषणापत्र में आम आदमी पार्टी के प्रमुख मुद्दा, दिल्‍ली को पूर्ण राज्‍य का दर्जा देने की मांग की सहमति बन गई है।
दरअसल, लंबे समय से चली आ रही दिल्ली में गठबंधन को लेकर उठापटक की स्थिति के बीच कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) ने अंतिम दौर की बातचीत शुरू कर दी है।
दोनों दलों के बीच गठबंधन की अटकलों को उस समय और बल मिला जब AAP के नेता व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के दिल्ली प्रभारी पीसी चाको के साथ बुधवार शाम बैठक की।
हाल ही में आप से गठबंधन को लेकर कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि गठबंधन के लिए रास्‍ते खुले हैं। इसी क्रम में राहुल गांधी ने दिल्‍ली कांग्रेस प्रदेश कमिटी कि अध्‍यक्ष शीला दीक्षित और दिल्‍ली कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको सहित दिल्‍ली प्रदेश कांग्रेस के नेताओं को दो बार बैठक के लिए बुलाया था।
दिल्ली में इस गठबंधन के पीछे का गणित यह है कि दोनों दलों ने मिलकर बीजेपी के मुकाबले 2014 लोकसभा चुनाव में दिल्ली में सभी 7 सीटों पर विजय पताका फहराई थी।

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