बंगाल चुनाव 2026: फाल्टा में तनाव के बीच दक्षिण 24 परगना के 15 बूथों पर री-पोलिंग, क्या पलट जाएगा समीकरण?
कोलकाता/फाल्टा: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के अंतिम चरण के मतदान के बाद भी सियासी पारा गिरने का नाम नहीं ले रहा है। 4 मई को होने वाली मतगणना से ठीक पहले, दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा और डायमंड हार्बर जैसे इलाकों में भारी गहमागहमी देखी जा रही है।
जहां एक ओर फाल्टा में स्थानीय जनता और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़प ने तनाव पैदा कर दिया है, वहीं मगराहाट पश्चिम और डायमंड हार्बर की 15 सीटों पर आज हो रहे पुनर्मतदान (Re-polling) ने नतीजों को लेकर सस्पेंस बढ़ा दिया है।
फाल्टा में जनता का आक्रोश: टीएमसी नेताओं पर गंभीर आरोप
फाल्टा इलाके में स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब मतदान के बाद स्थानीय निवासियों ने सुरक्षा बलों के सामने ही अपना गुस्सा जाहिर किया। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें मतदान प्रक्रिया के दौरान टीएमसी नेताओं द्वारा डराया-धमकाया गया।
- बहस का मुद्दा: स्थानीय लोगों और सेंट्रल फोर्सेस के बीच काफी देर तक बहस चली।
- सुरक्षा व्यवस्था: किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है, लेकिन लोगों के बीच डर और गुस्से का माहौल अब भी कायम है।
री-पोलिंग अपडेट: सुबह 11 बजे तक 37% मतदान
निर्वाचन आयोग के आदेश पर दक्षिण 24 परगना की दो महत्वपूर्ण सीटों पर पुनर्मतदान जारी है। चुनावी धांधली की शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया है।
| विधानसभा क्षेत्र | बूथों की संख्या | सुबह 11 बजे तक मतदान % |
| मगराहाट पश्चिम | 11 | 38.2% |
| डायमंड हार्बर | 04 | 35.92% |
चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया, “प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण है। वेबकास्टिंग के जरिए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि धांधली की कोई गुंजाइश न रहे।”
इन दिग्गजों की साख दांव पर
पुनर्मतदान के इस दौर में कई बड़े चेहरों की किस्मत ईवीएम (EVM) में कैद हो रही है:
- मगराहाट पश्चिम: यहाँ टीएमसी के मो. समीम अहमद मोल्ला और बीजेपी के गौर सुंदर घोष के बीच सीधी टक्कर है। वहीं आईएसएफ (ISF) के आने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
- डायमंड हार्बर: टीएमसी के पन्ना लाल हलदर और बीजेपी के दीपक कुमार हलदर के बीच कड़ा मुकाबला है। माकपा और कांग्रेस के उम्मीदवार भी यहाँ खेल बिगाड़ने की ताकत रखते हैं।
क्या होगा 4 मई को?
बंगाल की 294 सीटों के लिए हुए इस महायुद्ध का परिणाम 4 मई को आएगा। फाल्टा की घटना और पुनर्मतदान के आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि दक्षिण 24 परगना की ये सीटें सरकार बनाने की चाबी साबित हो सकती हैं।
सुरक्षा के लिहाज से चुनाव आयोग ने संवेदनशील क्षेत्रों में 6 मई तक केंद्रीय बलों की तैनाती जारी रखने का फैसला किया है।



