क्या ईरान युद्ध के बाद Benjamin Netanyahu जाएंगे जेल?
ट्रंप बोले– नेतन्याहू को तुरंत माफी दें राष्ट्रपति हर्जोग, ताकि ईरान के खिलाफ जंग पर पूरा ध्यान दे सकें

जुबिली स्पेशल डेस्क
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu को लेकर बड़ा बयान दिया है।
ट्रंप ने कहा कि इजराइल के राष्ट्रपति Isaac Herzog को नेतन्याहू को तुरंत माफी दे देनी चाहिए, ताकि वह पूरी तरह ईरान के खिलाफ चल रही जंग पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
ट्रंप ने यह बात अमेरिकी मीडिया Axios को दिए एक फोन इंटरव्यू में कही। उन्होंने बताया कि वह लगभग हर दिन नेतन्याहू से बातचीत करते हैं और युद्ध की स्थिति पर चर्चा करते रहते हैं।
ट्रंप का कहना है कि नेतन्याहू के दिमाग में सिर्फ ईरान के खिलाफ चल रही लड़ाई होनी चाहिए और अदालत में चल रहे मामलों का कोई दबाव नहीं होना चाहिए।
दरअसल, नेतन्याहू पर साल 2020 से भ्रष्टाचार के कई मामलों में मुकदमा चल रहा है। उन पर आरोप है कि उन्होंने कुछ अरबपतियों से महंगे तोहफे लिए थे।
इन तोहफों में सिगार, शैंपेन, ज्वेलरी और दूसरी कीमती चीजें शामिल थीं। आरोप है कि बदले में उन्होंने उन लोगों को राजनीतिक फायदा पहुंचाया।
ट्रंप ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि किसी प्रधानमंत्री पर वाइन और सिगार जैसे मामलों को लेकर मुकदमा चलाना सही नहीं है।
ट्रंप ने पांच बार माफी की अपील का दावा किया
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि पिछले एक साल में राष्ट्रपति हर्जोग ने उनसे पांच बार कहा था कि वे नेतन्याहू को माफी दे देंगे, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ।
ट्रंप के मुताबिक हर्जोग इस मुद्दे का इस्तेमाल नेतन्याहू पर दबाव बनाने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द माफी नहीं दी गई तो वह इस मामले को सार्वजनिक रूप से उठाते रहेंगे। ट्रंप ने यह भी कहा कि जब तक नेतन्याहू को माफी नहीं मिलती, तब तक वह हर्जोग से मुलाकात नहीं करेंगे।
हालांकि, इजराइल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया है। अधिकारी का कहना है कि राष्ट्रपति हर्जोग ने कभी माफी देने का वादा नहीं किया था। उन्होंने सिर्फ इतना कहा था कि वह कानूनी प्रक्रिया के तहत इस अपील पर विचार करेंगे।
राष्ट्रपति कार्यालय का बयान
राष्ट्रपति हर्जोग के कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इजराइल एक संप्रभु देश है और यहां सभी फैसले कानून के मुताबिक ही लिए जाते हैं। लीगल एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर इस समय माफी दी जाती है तो इसे विदेशी राजनीतिक दबाव मानकर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।
फिलहाल युद्ध की स्थिति के कारण अदालतों का काम सीमित कर दिया गया है और नेतन्याहू का ट्रायल अस्थायी रूप से रुका हुआ है। इजराइली कानून के मुताबिक माफी पाने के लिए आरोपी को अपनी गलती स्वीकार करनी होती है और पछतावा भी जताना पड़ता है, लेकिन नेतन्याहू अब तक किसी भी गलती को मानने से इनकार करते रहे हैं। उनके वकील भी कई बार सुनवाई टालने की कोशिश कर चुके हैं, इसलिए यह मामला अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

