छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर संसद में हंगामा, खरगे बोले- ‘क्या ये लोकतंत्र है?’

संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को CJP प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज और पेपर लीक मुद्दे को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
विपक्षी सांसद छात्रों के मुद्दे और पेपर लीक मामले पर संसद में चर्चा की मांग कर रहे थे। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। राज्यसभा में भी इसी तरह का माहौल देखने को मिला।
खरगे ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि विपक्ष को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया जा रहा है।
खरगे ने कहा कि हजारों छात्र पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार ने उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करवाई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
उन्होंने इसे “निंदनीय घटना” बताते हुए संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की।
‘एक शब्द बोलते ही माइक बंद कर दिया गया’
खरगे ने आरोप लगाया कि सदन में उनकी आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने कहा,
“हम इस अन्याय और अत्याचार के खिलाफ सरकार से सदन में चर्चा करना चाहते थे, लेकिन एक शब्द बोलते ही माइक बंद कर दिया गया। क्या ये लोकतंत्र है?”
उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता था कि इस मुद्दे पर चर्चा हो और इसके बाद गृह मंत्री सदन में बयान दें, लेकिन सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी।
प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल
खरगे ने सवाल उठाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों किया गया और उन्हें क्यों पीटा गया। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे मुद्दों पर संसद में चर्चा नहीं होगी तो लोग अपनी बात कहां रखेंगे।
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह देश में अराजक स्थिति पैदा कर रही है और लोगों को डराने की कोशिश की जा रही है।
विपक्ष का आरोप- सदन में बोलने नहीं दिया गया
खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी सांसदों को सदन से बाहर जाने से रोका गया और उनके साथ गलत व्यवहार किया गया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को संसद में उठाता रहेगा और छात्रों से जुड़े मामलों पर सरकार से जवाब मांगेगा।
संसद में आगे भी हंगामे के आसार
CJP के संसद मार्च और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा अब संसद के अंदर भी पहुंच गया है। विपक्ष इस मामले पर चर्चा की मांग कर रहा है, जबकि सरकार की ओर से अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



