Saturday - 18 September 2021 - 12:59 PM

…तो कांग्रेस ने कराई थी पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह की हत्या?

जुबिली न्यूज डेस्क

राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप आम बात है। नेता बड़े से बड़ा आरोप बड़े ही सहजता से लगा देते हैं। पिछले कुछ सालों से तो जैसे चलन में आ गया है कि पार्टी बदलते ही नेताओं को पिछली पार्टी में कीड़े नजर आने लगता हैं।

अक्सर देखा गया है कि जब नेता भाजपा छोड़कर किसी अन्य पार्टी का दामन थामता है तो वह भाजपा पर बड़े-बड़े आरोप लगाता है और जब कांग्रेस छोड़कर नेता भाजपा का दामन थामता है तो कांग्रेस पर आरोप लगाता है। चुनावी मौसम में ऐसा कुछ ज्यादा ही होता है।

पंजाब में ऐसा ही कुछ हुआ है। अगले साल पंजाब में चुनाव है तो वहां भी नेता पार्टी बदल रहे हैं। आज पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी ज़ैल सिंह के पोते सरदार इंदरजीत सिंह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए।

भगवा पार्टी का दामन थामते ही इंदरजीत सिंह ने कांग्रेस पर सनसनीखेज आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके दादा का जानबूझ कर एक्सीडेंट करवाकर उनकी हत्या कराई गई थी।

मालूम हो कि दिल्ली स्थित बीजेपी के केंद्रीय कार्यालय में पार्टी के महासचिव और पंजाब के प्रभारी डॉ. दुष्यंत गौतम और केन्द्रीय  मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इंदरजीत सिंह को अंगवस्त्र पहनाकर पार्टी में स्वागत किया और सदस्यता की पर्ची उन्हें दी।

इस अवसर पर इंद्रजीत सिंह ने कहा कि आज उनके स्वगीर्य दादा की मनोकामना वर्षों बाद पूरी हुई है। कांग्रेस ने उनकी वफादारी के बावजूद जैसा सलूक किया, उससे उनका दिल दुखा था।

उन्होंने कहा, ‘मेरे दादा जी चाहते थे कि मैं बीजेपी में जाऊं। उन्होंने मुझे अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के पास आशीवार्द लेने भेजा था।”

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इंदरजीत सिंह ने कांग्रेस नेतृत्व पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि 1994 में उनके दादा और पूर्व राष्ट्रपति की कार का किसी साजिश के तहत जानबूझकर एक्सीडेंट कराया गया था। इसके बाद उपचार के दौरान उनका निधन हो गया था।

मालूम हो कि ज्ञानी जैल सिंह राष्ट्रपति बनने के बाद जब भी कभी पंजाब के आसपास होते थे तो वह आनंदपुर साहिब जाना नहीं भूलते थे। 1994 में भी तख्त श्री केशगढ़ साहिब जाते समय उनकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

उन्हें चंडीगढ़ पीजीआई अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया था, जहां उनका निधन हो गया था। ऑपरेशन ब्लू स्टार और डाक विधेयक सहित कुछ मुद्दों पर कांग्रेस के तत्कालीन नेतृत्व से उनके मतभेद छिपे नहीं थे।

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इंद्रजीत सिंह ने कहा कि वह दिल्ली में उस समय के दिग्गज नेता मदनलाल खुराना के साथ कई रैलियों में शामिल हुए लेकिन तब पार्टी की सदस्यता नहीं ली थी।

उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके आमंत्रण पर वह बीजेपी में शामिल हुए हैं और पार्टी जो भी दायित्व देगी, वह उसे पूरी लगन से पूर्ण करेंगे।

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