Thursday - 24 September 2020 - 2:43 PM

रूस की कोरोना वैक्सीन की भारी मांग, 20 देश कर चुके प्री-बुकिंग

जुबिली न्यूज डेस्क

विश्व स्वास्थ्य संगठन के आपत्ति के बावजूद रूस की कोरोना वैक्सीन की दुनियाभर से मांग हो रही है। दुनिया के 20 देशों ने वैक्सीन की करोड़ों डोज खरीदने में रुचि दिखाई है।

रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को ने दावा किया है कि 20 देशों ने वैक्सीन ‘स्पूतनिक-वी’ के लिए प्री-ऑर्डर कर दिया है। उन्होंन बताया कि दुनिया के 20 देशों ने वैक्सीन की करोड़ों डोज खरीदने में रुचि दिखाई है। रूसी डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) वैक्सीन को बड़ी मात्रा में बनाने और विदेशों में प्रमोट करने में निवेश कर रहा है।

रूसी वैक्सीन से संबंधित वेबसाइट ने दावा करते हुए उन देशों के नामों को बताया है, जिन्होंने स्पूतनिक वी को खरीदने में इच्छा जताई है। इसमें भारत, सऊदी अरब, इंडोनेशिया, फिलीपींस, ब्राजील, मैक्सिको आदि देश शामिल हैं।

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वेबसाइट के मुताबिक साल 2020 के अंत तक, 20 करोड़ कोरोना वैक्सीन के उत्पादन की योजना है। इसमें से 3 करोड़ डोज रूस खुद के लिए रखेगा।

बताया जा रहा है कि वैक्सीन का उत्पादन बड़े स्तर पर उत्पादन इस साल के सितंबर में शुरू हो जाएगा। वेबसाइट के मुताबिक आरडीआईएफ वैक्सीन में मजबूत वैश्विक रूचि देख रहा है। उसकी योजना फेज-3 क्लीनिकल ट्रायल कई अन्य देशों में करने की है। इन देशों में सऊदी अरब, ब्राजील, भारत, फिलीपींस आदि शामिल हैं।

भारत में भी हो सकता है वैक्सीन का उत्पादन

वेबसाइट के मुताबिक इस वैक्सीन का बड़े पैमाने पर उत्पादन भारत, दक्षिण कोरिया और ब्राजील के साथ-साथ सऊदी अरब, तुर्की और क्यूबा सहित देशों में स्थानीय संप्रभु धन निधियों के साथ शुरू किया जा सकता है।

मंगलवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को घोषणा की थी कि उनके देश ने कोरोना वायरस के खिलाफ दुनिया की पहली वैक्सीन बना ली है, जो कोविड-19 से निपटने में ‘बहुत प्रभावी ढंग’ से काम करती है और एक स्थायी रोग प्रतिरोधक क्षमता का निर्माण करती है।

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पुतिन की बेटी को लगाई गई वैक्सीन

रूस की कोरोना वैक्सीन ‘स्पूतनिक-वी’ राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बेटी को भी लगाई गई है। पुतिन ने मंगलवार को खुलासा किया कि उनकी बेटियों में से एक को यह टीका पहले ही दिया जा चुका है। उन्होंने कहा, ‘पहले टीके के बाद उनकी बेटी के शरीर का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस था, अगले दिन यह 37 डिग्री सेल्सियस से थोड़ा अधिक था। दूसरे टीके के बाद उसका तापमान कुछ बढ़ा और फिर सब ठीक हो गया। वह अच्छा महसूस कर रही है और एंटीबॉडी स्तर अधिक है।’

अमेरिका को है संदेह

रूसी वैक्सीन पर जहां डब्ल्यूएचओ ने संदेह व्यक्त किया है तो वहीं अमेरिका ने संदेह जताया है। पुतिन की घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अमेरिका के स्वास्थ्य मंत्री एलेक्स अजार ने कहा है कि कोविड-19 का पहला टीका बनाने की जगह कोरोना वायरस के खिलाफ एक प्रभावी और सुरक्षित टीका बनाना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

ताइवान की यात्रा पर पहुंचे अजार से एबीसी ने मंगलवार को पूछा कि रूस की इस घोषणा के बारे में वह क्या सोचते हैं कि वह कोरोना वायरस के टीके का पंजीकरण करने वाला पहला देश बन गया है। अजार ने कहा, ‘विषय पहले टीका बनाने का नहीं है। विषय ऐसा टीका बनाने का है जो अमेरिकी लोगों और विश्व के लोगों के लिए सुरक्षित तथा प्रभावी हो।’

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