Wednesday - 2 December 2020 - 5:10 PM

विधानसभा के सामने आत्मदाह करने की क्या है वजह

जुबिली न्यूज़ डेस्क

लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज इलाके में स्थित विधानसभा के सामने आत्मदाह करने का सिलसिला अब जोर पकड़ने लगा है, साथ ही कई सवाल भी छोड़ रहा है। जिलों में जब सुनवाई नहीं होती है तो मजबूरी लोगों को यहां आने पर क्यों मजबूर करने लगी है?

एक तरफ योगी सरकार सुरक्षा मामलों पर लगातार निशाने पर है। यूपी में आए दिन सामने आ रहे अपराध के मामले उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। आत्मदाह की ये घटना ऐसे वक्त में सामने आ रही है जब महिलाओं से जुड़े अपराध को लेकर यूपी की योगी सरकार और पुलिस लगातार आलोचना का सामना कर रही।

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यूपी के जिलों में प्रशासन और पुलिस जनता की समस्या के प्रति गंभीर नहीं रहते है और लोगों को चक्कर कटवाते है जिससे लोग आहत हो उठते है, जिसके चलते परेशान लोगों अंतिम रास्ता लखनऊ आकर आत्मदाह करने की सलाह छुटभैया नेताओं द्वारा दी जाती है।

एक सिपाही ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया ये छोटे जिलों के छुटभैया नेताओं की सलाह पर लखनऊ आकर आत्मदाह करते है, हालांकि इस बात से इंकार भी नहीं किया जा सकता है कि यदि उनकी समस्या का समाधान उनके ही जिले में हो जाये तो ऐसी नौबत ही न आये।

ऐसा ही ताजा मामला आज फिर विधानभवन के सामने देखने को मिला। बाराबंकी के एक परिवार ने अपने दो बच्चों के साथ आत्मदाह का प्रयास किया लेकिन इससे पहले की वह आग लगा पाते पुलिस ने उन्हें बचा लिया। इससे पहले पिछले सप्ताह विधानभवन के नजदीक एक महिला ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली थी जिसकी बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी थी।

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पुलिस उपायुक्त सोमेन बर्मा के मुताबिक बाराबंकी के सदर कोतवाली के रहने वाले नसीर और उनकी पत्नी अपने दो नाबालिग बेटों के साथ विधानभवन के गेट नंबर दो के पास पहुंचे। उन्होंने अपने और अपने पूरे परिवार के ऊपर कोई तरल पदार्थ डाला। इससे पहले की वह माचिस या लाइटर जला पाता वहां खड़े पुलिसकर्मियों ने पूरे परिवार को पकड़ लिया।

उन्होंने कहा कि नसीर से जब पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि बाराबंकी में उसकी दुकान थी जिसे अतिक्रमण अभियान के दौरान गिरा दिया गया था जिससे उसके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है, इसलिए उसने परिवार सहित आत्मदाह की सोची।

डीसीपी के अनुसार चूंकि परिवार दूसरे जिले बाराबंकी का है इसलिए मैने वहां के जिलाधिकारी से बात कर ली है और वहां से पुलिस की एक टीम परिवार को लेने आ रही है। परिवार को उनको सौंप दिया जाएगा। इसके बाद की कार्रवाई बाराबंकी प्रशासन करेगा।

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गौरतलब है कि पिछले सप्ताह महाराजगंज जिले की रहने वाली 35 वर्षीय महिला ने पारिवारिक विवाद में विधानभवन के सामने स्थित भाजपा कार्यालय के नजदीक ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली थी। महिला की बाद में इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गयी थी।

हजरतगंज स्थित विधानभवन के आसपास का इलाका अतिविशिष्ठ इलाके में आता है और यहां 24 घंटे भारी पुलिस बल की तैनाती रहती है इसके बावजूद आये दिन ऐसी घटनाएं कैसे बढ़ रही है। यदि यूपी सरकार और पुलिस ने लोगों की समस्या को यूं ही नज़रअंदाज़ किया तो विधानसभा के सामने आत्मदाह करने का सिलसिला जारी रहेगा।

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